नागोया। जापान के सम्राट नारुहितो ने रविवार को एशियन पैरा गेम्स के पांचवें संस्करण की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की। इसके साथ ही आइची-नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में इस महाद्वीपीय खेल आयोजन का आगाज हो गया। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में 45 देशों के करीब 3,000 एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों का आदर्श वाक्य 'इमेजिन वन हार्ट' (एक दिल की कल्पना करें) है।
हालांकि, समारोह के जरिए प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत हुई, लेकिन कई इवेंट्स पहले ही शुरू हो चुके थे। शुक्रवार को जापान ने पुरुषों और महिलाओं की व्हीलचेयर बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं के शुरुआती राउंड में जीत दर्ज की। वहीं, शनिवार को भारत की पुरुष और महिला गोलबॉल टीमों ने क्रमशः कतर और थाईलैंड के खिलाफ जीत हासिल की।
'परेड ऑफ नेशंस' (देशों की परेड) के दौरान भारतीय दल आकर्षण का केंद्र रहा। पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा ने देश के ध्वज-वाहक के रूप में तिरंगा थाम रखा था। नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में इन दोनों ने भारतीय दल का नेतृत्व किया।
भारतीय दल की पोशाक भी काफी खास रही। सभी सदस्यों ने गहरे नीले रंग के ब्लेजर पहने थे, जिन पर सिंधु घाटी सभ्यता से प्रेरित सुनहरे डिजाइन बने हुए थे। इन डिजाइन में प्रसिद्ध 'प्रीस्ट-किंग' (पुरोहित-राजा) की मूर्ति और 'डांसिंग गर्ल' (नर्तकी) की आकृति के साथ-साथ प्राचीन मुहरें भी शामिल थीं, जो उस सभ्यता के विशिष्ट प्रतीकों और लिपि को दर्शाती हैं। ब्लेजर की जेब पर, यानी दिल के पास, भारत का तिरंगा लगा था, जबकि कॉलर पर 'सप्तसिंधु' को सम्मान दिया गया था।
भारतीय दल में कुल 281 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 168 खिलाड़ी (112 पुरुष और 56 महिलाएं) हैं, जो 11 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे। भारत अपने पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगा, जहां खिलाड़ी कई पैरा-स्पोर्ट्स में पदक जीतने के लिए अपना जोर लगाएंगे।
समारोह से ठीक पहले ध्वजवाहकों के नाम में बदलाव किया गया। पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया ने शुरुआत में भगत और पैरा-टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को यह सम्मान देने का फैसला किया था, लेकिन बाद में पटेल की जगह सिमरन को चुना गया, ताकि पटेल सोमवार, 19 अक्टूबर को होने वाले अपने क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आराम कर सकें।















