पन्ना, अमित सिंह राठौर। पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे जरधोवा गांव में बाघ के हमले की खबर से हड़कंप मच गया है। रविवार को जब 60 वर्षीय मलखान सिंह राजगौड अपनी भैंसों को लेकर जंगल जा रहे थे, तभी अचानक बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। इस हमले में बुजुर्ग के चेहरे, पीठ और घुटनों पर गंभीर घाव आए हैं। हादसे के समय पास ही मौजूद साथी ग्रामीण ने हिम्मत दिखाते हुए बाघ पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे डरकर बाघ जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।
वन विभाग की घोर लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीण, दो घंटे तक अस्पताल पहुंचने का करते रहे इंतजार
घटना के बाद से जरधोवा के ग्रामीणों में पन्ना टाइगर रिजर्व (2PTR) प्रबंधन के प्रति गहरा गुस्सा व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र में वन्यजीवों के हमले की कोई पहली घटना नहीं है। एक दिन पहले भी यही बाघ गांव की सीमा में घूमता पाया गया था, जिसकी स्पष्ट जानकारी देने के बावजूद वन विभाग की टीम ने कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए। हद तो तब हो गई जब हमले के बाद भी दो घंटे तक वन अमला मौके पर नहीं पहुंचा और ग्रामीणों को खुद डायल 112 बुलाकर घायल को अस्पताल भिजवाना पड़ा।
वन विभाग ने दी ₹2,000 की फौरी राहत, हाथियों का दल बाघ को खदेड़ने में जुटा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को रवाना किया गया था और अब घायल बुजुर्ग की हालत पूरी तरह से स्थिर है। विभाग द्वारा पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के तौर पर दो हजार रुपये की नगद राशि दी गई है, जबकि इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, बाघ को रिहाइशी इलाके से दूर खदेड़ने के लिए हाथियों की टीम को सर्च ऑपरेशन में लगा दिया गया है।

















