नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 का आगाज 18 अक्टूबर से जापान के आइची-नागोया में होने जा रहा है। पिछले संस्करण में भारत का प्रदर्शन कमाल का रहा था और देश ने पहली बार 100 पदकों की संख्या को पार किया था। आइए आपको बताते हैं एशियन पैरा गेम्स में हुए चार संस्करणों में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है। पहले संस्करण में जीते 14 मेडल : एशियन पैरा गेम्स के पहले संस्करण का आयोजन गंवागझोऊ में हुआ। हालांकि, 2010 में हुए टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और देश की झोली में कुल 14 मेडल आए। भारत मेडल टैली में भी 15वें स्थान पर रहा। इस संस्करण में देश की झोली में सिर्फ एक गोल्ड मेडल आया, जो जगसीर सिंह ने पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में दिलाया।
2014 में 33 मेडल लेकर लौटा भारत : साल 2014 में साउथ कोरिया के इंचियोन में हुए एशियन पैरा गेम्स में भारतीय एथलीट्स का जलवा देखने को मिला। इस संस्करण में भारत ने कुल 33 मेडल अपने नाम किए, जिसमें 3 गोल्ड, 14 सिल्वर और 16 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। पिछले संस्करण के मुकाबले इस बार भारत अपने मेडलों की संख्या दोगुनी करने में सफल रहा।
जकार्ता में आए 15 गोल्ड मेडल : एशियन पैरा गेम्स 2018 में भारत ने 13 खेलों में कुल 190 एथलीट्स को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भेजा। देश का प्रदर्शन भी शानदार रहा और भारत की झोली में 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 33 ब्रॉन्ज के साथ कुल 72 मेडल आए। भारत मेडल टैली में टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहा और देश ने 9वें स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का अंत किया।
हांगझोऊ में सबसे शानदार प्रदर्शन : कोविड-19 की वजह से एशियन पैरा गेम्स 2022 की जगह 2023 में हुए। टूर्नामेंट के चौथे संस्करण के आयोजन में हुई देरी भारत के पक्ष में गई। भारत ने पहली बार पैरा एशियन गेम्स में 100 मेडल के जादुई आंकड़े को छूआ और मेडल टैली में पांचवें स्थान पर रहा। भारत ने इस बार अपना सबसे बड़ा 303 खिलाड़ियों का दल भेजा, जो उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे। भारत ने 29 गोल्ड, 31 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज समेत कुल 111 मेडल अपने नाम किए।















