सिंगापुर। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मंगलवार को भी बेहद निचले स्तर पर बनी रही। शिप-ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को स्ट्रेट से महज पांच कमोडिटी पोत गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत 15 पोत प्रतिदिन रहा है।

रॉयटर्स के मुताबिक, मंगलवार को दो तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर और बिटुमेन ले जा रहा एक टैंकर स्ट्रेट से बाहर निकला, जबकि दो खाली प्रोडक्ट टैंकर अंदर दाखिल हुए। इससे एक दिन पहले सोमवार को केवल एक पोत के गुजरने की सूचना मिली थी।

हालांकि, ये आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। इसकी वजह यह है कि कुछ जहाज यात्रा के दौरान अपना ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं, जिससे शिप-ट्रैकिंग सिस्टम में उनकी आवाजाही दर्ज नहीं हो पाती।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही में लगातार कमी ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान और ओमान स्ट्रेट के जरिए नौवहन बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्ष अस्थायी नौवहन गलियारा बनाने और जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने पर चर्चा कर रहे हैं।

मंगलवार को ईरान-ओमान वार्ता से जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद बढ़ी, जिसके बाद तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। दोनों ने जॉइंट टेंपररी नेविगेशनल कॉरिडोर बनाने पर चर्चा की थी। हालांकि, समुद्री यातायात के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य आवाजाही अभी बहाल नहीं हुई है।

ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करने के लिए एक अस्थायी समुद्री रास्ता बनाने पर मंत्रणा की। दोनों देशों के बीच पिछले कई हफ्तों से इस जलमार्ग को लेकर बातचीत जारी थी। ईरान और ओमान इस रास्ते से सी माइंस हटाने पर भी सहमत हुए।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही दावा कर चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट से सभी बारूद हटा दिए गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संघर्ष में फिलहाल कमी आई है लेकिन दोनों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत नहीं हो पाई है, इसलिए होर्मुज का रास्ता अभी भी शिपिंग कम्पनियों के लिए मुश्किल भरा है।