इंदौर, रविकांत वर्मा: एरोड्रम थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 29 अक्टूबर को एक खाली मैदान से मिले अज्ञात शव की शिनाख्त सागर जिले के मकरोनिया निवासी संजय कुर्मी के रूप में हुई है। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। इस हत्या का कोई और नहीं, बल्कि मृतक का सगा मामा ही कातिल निकला। पुलिस ने आरोपी मामा को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
काम सीखने आया था भांजा, साथ में रहकर कर रहा था काम
मृतक संजय कुर्मी इंदौर में किसी काम को सीखने के लिए आया था और वह पालाखेड़ी इलाके में अपने सगे मामा सुमित कुर्मी के साथ ही रह रहा था। दोनों एक-दूसरे के करीब थे, लेकिन किसे पता था कि यह रिश्ता एक दिन खून के रिश्ते को तार-तार कर देगा। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन दोनों मामा-भांजे साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शराब के नशे में उनके बीच किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी शुरू हो गई।
विवाद बढ़ा तो लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार कर ली जान
शराब पीने के दौरान उपजा यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि मामा सुमित का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्से में अंधे होकर सुमित ने घर में रखी लोहे की रॉड उठाई और संजय पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। रॉड के लगातार और गंभीर वारों से संजय बुरी तरह घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
साक्ष्य छुपाने के लिए ऑटो में रखा शव और खाली मैदान में फेंका
भांजे की हत्या करने के बाद आरोपी मामा ने घबराकर साक्ष्य छुपाने की योजना बनाई। उसने मृतक संजय के शव को एक ऑटो रिक्शा में रखा और एरोड्रम थाना क्षेत्र के एक सुनसान खाली मैदान में ले जाकर फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
29 अक्टूबर को जब पुलिस को खाली मैदान में शव मिला, तो मामला पूरी तरह से अंधा था। पुलिस ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की मदद से मृतक की पहचान संजय कुर्मी के रूप में की। कड़ियों को जोड़ने पर शक की सुई मामा सुमित पर घूमी। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई रॉड, ऑटो और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
















