भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) मादक पदार्थों के तस्करों का नया ट्रांजिट पॉइंट बनता नजर आ रहा है। लंबी दूरी की यात्री बसों में आम मुसाफिरों की तरह सफर कर नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ा प्रहार किया है। डीआरआई की टीम ने रविवार को आईएसबीटी पर घेराबंदी करते हुए दिल्ली से आई बस से उतरे दो यात्रियों को धर दबोचा। सघन तलाशी के दौरान दोनों के पास से 4.321 किलोग्राम प्रतिबंधित एम्फेटामाइन (MD) ड्रग्स बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये मूल्य की इस खेप के साथ दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते एक महीने के भीतर आईएसबीटी परिसर से नशीले पदार्थों की बरामदगी का यह तीसरा बड़ा मामला है।
डीआरआई मुख्यालय को सटीक खुफिया इनपुट मिला था कि दिल्ली से एक अंतरराज्यीय बस के जरिए दो संदिग्ध तस्कर भोपाल में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप सप्लाई करने पहुंच रहे हैं। पुख्ता सूचना मिलते ही अधिकारियों ने आईएसबीटी परिसर में सादी वर्दी में सघन निगरानी और घेराबंदी शुरू कर दी। जैसे ही चिन्हित बस बस स्टैंड पर रुकी, टीम ने दोनों संदिग्धों को उतरते ही हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा ड्रग्स छिपाने का जो शातिर तरीका सामने आया, उसने जांच दल को भी हैरान कर दिया।
तलाशी के दौरान पहले आरोपी के बैग से आठ प्लास्टिक पैकेट मिले, जिनमें 4,071 ग्राम सफेद क्रिस्टल नुमा एमडी ड्रग्स छिपाकर रखी गई थी। वहीं, दूसरे आरोपी ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ढाई-ढाई सौ ग्राम के दो काले पाउच अपनी पैंट के भीतर अंडरगारमेंट्स में छिपा रखे थे। दोनों आरोपियों के पास से कुल 4,321 ग्राम (4.321 किलो) उच्च गुणवत्ता वाली एमडी ड्रग्स जब्त की गई। पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा व स्कैनिंग से बचने के लिए लंबी दूरी की निजी व सरकारी बसों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि आम यात्रियों की भीड़ में आसानी से घुल-मिलकर निकल सकें।
राजधानी के आईएसबीटी पर लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इससे पूर्व 14 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को भी इसी बस स्टैंड से मादक पदार्थों की खेप पकड़ी गई थी। अब रविवार की इस बड़ी कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि भोपाल में महानगरों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाला कोई संगठित सिंडिकेट सक्रिय है। फिलहाल डीआरआई की टीम दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली में यह खेप किस मुख्य सरगना ने उपलब्ध कराई थी और भोपाल में इसे किन स्थानीय पैडलरों या पब-पार्टी आयोजकों तक पहुंचाया जाना था।














