सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के समाजसेवी विनय रुठिया द्वारा ब्रिटिश सरकार पर कथित तौर पर एक पुराना लोन न चुकाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले में कानूनी नोटिस भेजने के बाद यूनाइटेड किंगडम के डेट मैनेजमेंट ऑफिस (UK DMO) की ओर से जवाब सामने आया है, जिसमें विभाग ने ब्रिटिश सरकार की किसी भी प्रकार की वित्तीय जिम्मेदारी से इंकार किया है।
दस्तावेजों के आदान-प्रदान के बाद UK DMO का जवाब
विनय रुठिया के अनुसार, ब्रिटिश सरकार को उनके वकील के माध्यम से एक कानूनी नोटिस भेजा गया था। नोटिस के जवाब में ब्रिटिश सरकार की ओर से लोन से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य मांगे गए थे। इसके बाद रुठिया ने अपने वकील श्रेयांश रानीवाला के जरिए सभी प्रमाणित दस्तावेज और रिकॉर्ड ईमेल के माध्यम से भेज दिए। दस्तावेज मिलने के बाद 16 अक्टूबर को यूके डेट मैनेजमेंट ऑफिस के कम्युनिकेशंस विभाग ने ईमेल के जरिए जवाब भेजा। विभाग ने कहा कि व्यापक जांच के बावजूद उन्हें ऐसा कोई रिकॉर्ड या प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि संबंधित लोन यूनाइटेड किंगडम सरकार की कोई वित्तीय जिम्मेदारी है, और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कोई भुगतान देय नहीं है।
समाजसेवी विनय रुठिया के दावे और आपत्तियां
ब्रिटिश विभाग के इस जवाब पर विनय रुठिया ने कड़ी आपत्ति जताई है: रुठिया का कहना है कि उनके पास उस लोन से संबंधित पुख्ता लिखित दस्तावेज और तत्कालीन राजनीतिक एजेंट के हस्ताक्षर वाले मूल रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब पहले दस्तावेजों की मांग की गई और प्रमाण उपलब्ध करा दिए गए, तो अब रिकॉर्ड न होने की बात कहना पूरी तरह संदेहास्पद है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से इस कथित लोन और उससे जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
हालांकि, इस कथित लोन की प्रकृति, उसकी कानूनी शर्तों और ब्रिटिश सरकार पर इसके भुगतान की बाध्यता के दावों की किसी स्वतंत्र या अंतरराष्ट्रीय कानूनी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। मामले में आगे की कानूनी और पत्राचार की प्रक्रिया जारी है।














