रियाद। यमन में हूती समूह के कब्जे वाली राजधानी सना में शनिवार देर रात कई जोरदार धमाके हुए। हूती के अल-मसीरा टीवी की जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब ने शहर पर एक बार फिर हवाई हमले किए हैं।
सना के एक निवासी ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई दे रही थी और पूरे शहर में जोरदार धमाके हो रहे थे। धमाकों की वजह से खिड़कियां हिलने लगीं और इमारतों में भी कंपन महसूस हुआ।
स्थानीय निवासी ने कहा, "धमाके इतने तेज थे कि हमारे पैरों के नीचे जमीन हिलने लगी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। हमारी खिड़कियां कांप रही थीं और बच्चे डरकर जाग गए।"
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन हवाई हमलों में हूती समूह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। फिलहाल इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
इससे पहले शनिवार को हूती समूह ने दावा किया था कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको की एक फैसिलिटी पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हूती ने कहा कि यह हमला यमन पर सऊदी अरब के तेज हुए हमलों के जवाब में किया गया।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान यमन में 60 हवाई और मिसाइल हमले किए गए।
हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। इसके बाद सीमा पार मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ हवाई हमलों में भी तेजी आई।
सितंबर में हूती और यमन की सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज होने के बाद यह टकराव और बढ़ गया। यमन की सरकारी सेना को बड़े पैमाने पर सऊदी अरब का समर्थन हासिल है। हूती ने 10 सितंबर को लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया और इसके अगले दिन रणनीतिक रूप से अहम मय्यून द्वीप पर भी कब्जा कर लिया।
यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में हुई थी, जब हूती ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य कार्रवाई शुरू की।












