छतरपुर, ​शिवम सोनी। मैं उसे जान से नहीं मारना चाहता था, बस उसकी नाक काटकर हमेशा के लिए सबक सिखाना चाहता था... यह कबूलनामा है एक दिन पहले छतरपुर में हुई ज्योति चौरसिया की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी और उसके पति लखन जोशी का।

घटना के करीब 5 घंटे बाद पकड़े गए आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की तब उसने अपनी मंशा को स्पष्ट किया। इसके बाद शनिवार को जब पुलिस आरोपी को जेल ले जा रही थी और कुछ मीडियाकर्मियों ने उससे सवाल किया तब भी उसने यही जवाब दिया।


पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि आरोपी लखन जोशी के पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसने और ज्योति ने समाज की परवाह किए बिना प्रेम विवाह किया था, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका रिश्ता नफरत के दलदल में धंस चुका था। लखन के मुताबिक वह अपने दोनों बच्चों को अपने साथ रखना चाहता था लेकिन एक निजी होटल में नौकरी कर बच्चों का पेट पाल रही ज्योति किसी भी कीमत पर बच्चों को लखन के हवाले करने को तैयार नहीं थी।


लखन के मुताबिक, पत्नी के इसी इनकार ने उसके भीतर बदले की आग भड़का दी। उसने अपने दोस्त सोनू कुशवाहा के साथ मिलकर योजना बनाई कि वह बीच सड़क पर ज्योति की नाक काट देगा, ताकि वह समाज में मुंह दिखाने लायक न रहे। शुक्रवार की सुबह वह दोस्त सोनू के साथ बाइक से अमलतास कॉलोनी पहुंचा और घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही ज्योति बाजार से सामान लेकर लौटी, लखन ने धारदार हथियार से पहले ज्योति के चेहरे और नाक पर वार किया। सीसीटीवी फुटेज में भी साफ दिखा कि ज्योति ने खुद को बचाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष किया। लखन ने कुबूल किया कि ज्योति के विरोध करने पर उसका गुस्सा बेकाबू हो गया। नाक काटने के फेर में उसने अंधाधुंध वार शुरू कर दिए जिसके चलते बाद में ज्योति की तड़पकर मौत हो गई।


यह है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलत: महाराजपुर के वार्ड नंबर 9 की रहने वाली 26 वर्षीय ज्योति पुत्री हुकुम चौरसिया ने करीब 7-8 वर्ष पूर्व महाराजपुर के खटीक मुहाल निवासी लखन जोशी से प्रेम विवाह किया था। वर्तमान में वह सिविल लाइन थाना अंतर्गत अमलतास कॉलोनी स्थित आवासीय ईडब्ल्यूएस-54 में अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी और शहर के एक निजी होटल में काम कर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही थीं। शुक्रवार की सुबह उसके दोनों बच्चे घर में सो रहे थे और वह घर में बाहर से ताला लगाकर बाजार गई हुई थी। बाजार से वापिस आने के दौरान घर से कुछ दूरी पर ही बाईक से आए दो लोगों ने उस पर धारदार ह​​थियार से अचानक हमला कर दिया। सामने आए सीसीटीवी में दिख रहा है कि ज्योति काफी देर तक हमलावरों से जूझती रही लेकिन उसे बुरी तरह घायल कर आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे। गंभीर रूप से घायल हुई ज्योति ने अगले कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े हुई इस गंभीर वारदात की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैली और चारों ओर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सबसे पहले पुलिस ने मृतिका के घर का दरवाजा खोलकर अंदर सो रहे बच्चों को सुर​क्षित बाहर निकाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी आदित्य पटले भी मौके पर पहुंच गए थे। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, खून के धब्बे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पूरे इलाके को सील कर आरोपियों की तलाश शुरु की।


5 घंटे में उत्तरप्रदेश से पकड़े गए थे आरोपी

वारदात को अंजाम देकर भागे हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तुरंत विशेष टीमें गठित की गईं थीं, जिन्होंने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। वहीं साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों ने मोबाइल टावर डंप तथा तकनीकी साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों के भागने की दिशा और लाइव लोकेशन ट्रेस की। पुख्ता इनपुट मिलते ही पुलिस टीमों ने घेराबंदी करते हुए पीछा किया और दोनों आरोपियों को जिले की सीमा से सटे उत्तरप्रदेश के ग्राम ननौरा से दबोच लिया, जो कि कोई और नहीं मृतिका का पति लखन जोशी और उसका साथी है।


डेढ़ महीने में दूसरी खूनी वारदात: 17 अगस्त को भी हुई थी हत्या

अमलतास कॉलोनी और बच्चा जेल से लगे इस शांत रिहायशी क्षेत्र में डेढ़ महीने के भीतर महिला की हत्या का यह दूसरा खौफनाक मामला सामने आने से स्थानीय रहवासियों में भारी दहशत और आक्रोश फैल गया है। इससे पहले बीते 17 अगस्त को भी इसी इलाके में एक महिला की नृशंस हत्या की वारदात हो चुकी थी। उस घटना की गुत्थी और खौफ अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दिनदहाड़े एक और महिला को मौत के घाट उतार दिया गया। लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे इलाके के लोग अपने ही घरों में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।