कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा क‍िया क‍ि यूक्रेनी रक्षा बलों ने अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए दुश्मन को भारी क्षति पहुंचाई है। साथ ही दुश्‍मनों से अपनी भूम‍ि को भी कब्‍जामुक्‍त कराया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि यह वह कीमत है, जो रूस को पुतिन की सनक के कारण चुकानी पड़ रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्‍ट किया, ''अक्टूबर में हमारी यूक्रेनी रक्षा सेनाओं ने दुश्मन को युद्ध में रिकॉर्ड स्तर का नुकसान पहुंचाया और उससे भी ज्यादा इलाकों को वापस अपने नियंत्रण में लिया, जितना रूसी कब्‍जा करने वाली सेनाएं इस दौरान हासिल कर पाईं।''

उन्‍होंने बताया क‍ि सिर्फ एक महीने में रूस के 54,400 सैनिक मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। पूरे युद्ध के दौरान किसी एक महीने में हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान है। दैनिक नुकसान का भी नया रिकॉर्ड बना। 21 अक्टूबर को रूसी सेना ने एक ही दिन में 2,250 सैनिक खो दिए।

जेलेंस्की ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि हम अपनी जमीन वापस लेने का काम लगातार जारी रखे हुए हैं। अक्टूबर में रक्षा बलों ने यूक्रेन की 96.2 वर्ग किलोमीटर भूमि को आजाद कराया, जो उस अवधि में रूसी बलों की ओर से कब्‍जा किए गए क्षेत्र से 10.4 वर्ग किलोमीटर ज्यादा है।

जेलेंस्की ने पोस्‍ट में आगे ल‍िखा, ''हम सभी रक्षकों, महिला और पुरुष सैनिकों, अपने सभी योद्धाओं, हर ब्रिगेड और हर यूनिट का इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए धन्यवाद करते हैं। रूस नुकसान उठा रहा है। हम अपनी मौजूदा स्थिति बनाए हुए हैं, इलाकों को आजाद करा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि युद्ध का हर दिन आक्रमणकारी पक्ष के लिए अधिक से अधिक महंगा साबित हो। इन भारी नुकसानों को रोकने के लिए रूस को केवल युद्धविराम और कूटनीतिक बातचीत का रास्ता चुनना होगा।''

विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने पोस्‍ट में ल‍िखा, "रोज होने वाले नुकसान ने भी एक नया रिकॉर्ड बनाया है। केवल 21 अक्टूबर को ही, 2,250 रूसी सैनिक मारे गए या घायल हुए। यूक्रेन के रक्षा बल अपना काम कर रहे हैं और अपनी जमीन वापस ले रहे हैं। अक्टूबर में यूक्रेन ने अपने 96.2 वर्ग किलोमीटर इलाके को आजाद कराया, जो रूस द्वारा कब्‍जा किए गए इलाके से 10.4 वर्ग किलोमीटर ज्‍यादा है। इतने भारी नुकसान के बावजूद, रूस अपने लक्ष्यों के करीब नहीं पहुंच पाया है। रूस यह युद्ध नहीं जीत रहा है और न ही जीतेगा। ये 54,400 रूसी सैनिक बिना किसी वजह के मारे गए या अपाहिज हो गए।"

उन्‍होंने कहा क‍ि यूक्रेन इस युद्ध को खत्म करना चाहता है। हम अभी लड़ाई रोकने के लिए निष्पक्ष और आपसी समाधान निकालने को तैयार हैं। लेकिन मॉस्को अभी इसके लिए तैयार नहीं है। पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने और शांति बहाल करने के लिए, हर मोर्चे पर रूस पर मजबूत सामूहिक दबाव बनाने की जरूरत है। उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि इस युद्ध की कीमत उनके, उनके साथियों और उनके शासन के लिए और भी बढ़ती जाएगी।