नई दिल्ली। हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में रविवार इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को 21-17, 21-10 में शिकस्त देकर मेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए एक यादगार दोहरी जीत पूरी की।
लक्ष्य सेन इस साल की शुरुआत में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहे थे। लक्ष्य से पहले भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने विमेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के चैंपियन लक्ष्य सेन, क्रिस्टी के खिलाफ अपने पिछले चार मुकाबलों में से तीन हार चुके थे। हालांकि, उन्हें पूरा भरोसा था कि वे इस इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हरा सकते हैं, जिसे उन्होंने पेरिस ओलंपिक में भी हराया था।
जर्मनी के सारब्रुकन में पहले गेम में भारतीय खिलाड़ी ने शानदार शुरुआत की और जल्द ही 8-4 की बढ़त बना ली। क्रिस्टी ने स्कोर 9-8 करके फासला कम किया, लेकिन एक रैली के दौरान नेट कॉर्ड (शटल का नेट से टकराकर दूसरी तरफ गिरना) की मदद से लक्ष्य ने फिर से बढ़त हासिल कर ली।
जल्द ही लक्ष्य अपनी लय में आ गए। उन्होंने अपने दमदार स्मैश और बेहतरीन शॉट्स की मदद से रैलियां जीतीं और 16-10 की बढ़त बनाने के बाद स्कोर 18-12 तक पहुंचा दिया। इसके बाद क्रिस्टी की सर्विस गलती से लक्ष्य को तीन गेम प्वाइंट्स मिल गए, और जब क्रिस्टी का शॉट नेट में लगा, तो लक्ष्य ने पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी लक्ष्य ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने 6-3 की अच्छी बढ़त बनाई और पूरे गेम के दौरान आगे रहते हुए इंटरवल तक 4 अंकों की बढ़त हासिल कर ली।
कोर्ट बदलने के बाद क्रिस्टी ने थोड़ा जोर लगाया और स्कोर 16-9 तक पहुंचाया, लेकिन वे मैच में वापसी करने में नाकाम रहे। इंडोनेशियाई खिलाड़ी द्वारा किए गए एक गलत 'लाइन कॉल' को वीडियो रिव्यू के जरिए सुधारा गया, जिससे लक्ष्य को 10 चैंपियनशिप प्वाइंट्स मिल गए। इसके बाद क्रिस्टी की एक और 'नेट फॉल्ट' (शटल का नेट में लगना) उनके लिए महंगी साबित हुई और लक्ष्य ने मैच जीत लिया। साल 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने और हांगकांग ओपन में उपविजेता रहने वाले लक्ष्य ने जर्मनी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने खाते में एक और बड़ा खिताब जोड़ लिया।
















