चेन्नई। दीपावली मनाने के लिए अपने गृह नगर जाने वाले 15 लाख से अधिक यात्रियों ने 5 से 7 नवंबर के बीच चेन्नई से यात्रा की। इस वजह से शहर भर के बस टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इन तीन दिनों में सरकारी और निजी बसों के जरिए लगभग सात लाख यात्रियों ने सफर किया जबकि ट्रेनों से भी कई लाख लोगों ने यात्रा की। इसके अलावा, हजारों लोग निजी कारों और अन्य वाहनों से भी अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
शुक्रवार को लोगों के जाने का सिलसिला और तेज हो गया, जो शनिवार तक जारी रहा। त्योहार से पहले अपने घर पहुंचने की जल्दी में परिवारों की भारी भीड़ प्रमुख परिवहन केंद्रों पर देखी गई।
इन तीन दिनों में अकेले सरकारी बसों ने 5.15 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। शनिवार को रात 8 बजे तक 3,319 बसें चलीं, जिनसे लगभग 1.35 लाख यात्रियों ने सफर किया। सरकारी बसों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या गुरुवार को 1.4 लाख थी, जो शुक्रवार को तेजी से बढ़कर 2.39 लाख हो गई।
त्योहारी भीड़ को संभालने के लिए परिवहन विभाग ने 15,659 सेवाओं की योजना बनाई थी। इसमें 5,743 नियमित बसें, 4,405 विशेष सरकारी बसें और 1,013 निजी अनुबंधित बसें शामिल थीं।
अतिरिक्त सेवाओं के बावजूद, किलंबाक्कम बस टर्मिनस पर यात्रियों को देरी और भारी भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बसें अपने तय समय से लगभग दो घंटे देरी से पहुंचीं, जिससे दक्षिणी तमिलनाडु और केरल जैसे दूर के इलाकों में जाने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ गई।
हालांकि बैठने की व्यवस्था और यात्रियों के लिए दी गई सुविधाओं की तारीफ हुई, लेकिन बसों के देर से रवाना होने और भारी भीड़ के कारण उनके पहुंचने के समय को लेकर अनिश्चितता बनी रही।
निजी बस ऑपरेटरों को भी भारी मांग का सामना करना पड़ा। इन तीन दिनों में उन्होंने 4,717 से अधिक सेवाएं चलाईं और 1.8 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। निजी बसों से गुरुवार को लगभग 56,800, शुक्रवार को 75,900 और शनिवार को 56,000 यात्रियों ने सफर किया।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की आवाजाही का एक बड़ा हिस्सा रेलवे नेटवर्क के जरिए भी पूरा हुआ। दिवाली के दौरान दक्षिणी रेलवे ने 132 विशेष ट्रेनें चलाईं। चेन्नई सेंट्रल, एग्मोर और तांबरम स्टेशनों से हर दिन लगभग तीन लाख यात्रियों ने यात्रा की। 22 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े गए, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए आठ अनारक्षित एमईएमयू सेवाएं शुरू की गईं।
यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। 6 नवंबर को चेन्नई सेंट्रल और एग्मोर स्टेशनों पर, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पटाखे ले जा रहे पांच लोगों को पकड़ा।

















