भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के कद्दावर नेता उमंग सिंघार ने देश के मौजूदा हालातों और आंदोलनों को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने लद्दाख के प्रमुख सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण धरने को हटाए जाने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया है। सिंघार ने केंद्र सरकार की नीतियों को पूरी तरह दमनकारी और तानाशाही करार देते हुए कहा कि जनता की जायज आवाज़ को पुलिसिया तंत्र के दम पर दबाया नहीं जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष इस दमन के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत से लड़ेगा।


संवेदनशीलता दिखाने के बजाय शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इन बेहद संवेदनशील मामलों में सरकार को मानवीयता और संवेदनशीलता दिखाने की सख्त आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने इसके विपरीत काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी स्थापित दमनकारी कार्यशैली के अनुरूप ही केंद्र सरकार ने एक शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे जन आंदोलन को सिर्फ इसलिए बर्बरतापूर्वक कुचल दिया क्योंकि इस मुद्दे पर सरकार के ऊपर जनता का भारी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। सिंघार ने इस पूरी कार्रवाई को एक बेहद निंदनीय कृत्य करार दिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तानाशाही सोच और दमनात्मक कार्रवाइयों से जनभावनाओं को कभी दबाया नहीं जा सकता है और देश की जागरूक जनता सही व उचित समय आने पर इस तानाशाही का करारा जवाब देगी।


शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग

छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि आदरणीय राहुल गांधी जी के मजबूत नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी और पूरा संयुक्त विपक्ष छात्रों के व्यापक हित में अपना आंदोलन पूरी ताकत और आक्रामकता के साथ आगे भी जारी रखेगा। विपक्ष युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा।

केंद्र सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांग को दोहराते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों के हितों की रक्षा के लिए वे पुरजोर मांग करते हैं कि संसद के आगामी सत्र की विधिवत शुरुआत होने से पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री को पद से नहीं हटाया जाता और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक विपक्ष का यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन थमने वाला नहीं है।