भोपाल, जितेंद्र यादव। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा आयोजित होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। भोपाल के हिंदूवादी संगठनों, विशेषकर 'श्री हिंदू उत्सव समिति', ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह की सभा कराने की अनुमति मांगी है।
प्रशासनिक दोहरे रवैये पर उठाए सवाल
हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों और अन्य हिंदूवादी नेताओं का कहना है कि वे जल्द ही भोपाल पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। संगठनों ने प्रमुखता से ये सवाल उठाए हैं: हिंदू संगठनों ने सवाल किया कि जब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में जनसभा करने की अनुमति दी जा सकती है, तो फिर तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह को कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही? गौरतलब है कि करीब 3 महीने (मई माह) पहले भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में टी. राजा सिंह की एक धर्मसभा प्रस्तावित थी, जिसे पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अंतिम समय में रद्द कर दिया था। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के अनुसार, वे टी. राजा सिंह के कार्यक्रम के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान, इकबाल मैदान या अग्रसेन चौक में से किसी एक स्थान पर अनुमति की मांग करेंगे।
ओवैसी के बयान के बाद बढ़ा विवाद
भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में हुई जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर तीखे हमले बोले थे। इस जनसभा के बाद हिंदूवादी संगठनों ने यह तर्क दिया है कि यदि एक राजनीतिक/धार्मिक विचारक को शहर में अपनी बात रखने का मंच मिल सकता है, तो दूसरे पक्ष को भी समान संवैधानिक अधिकार के तहत जनसभा की अनुमति दी जानी चाहिए।




