भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "नशे से दूरी है जरूरी" केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग के साथ-साथ समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश तेज़ी से विकास कर रहा है तथा नक्सलवाद और ड्रग तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने कई बड़ी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है और प्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।


डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग माफिया और नशे के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है तथा ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


कार्यक्रम के संचालन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे उप महानिरीक्षक (डीआईजी) विनीत कुमार ने बताया कि "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का यह दूसरा वर्ष है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस बार अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। पिछले वर्ष एक साथ पूरे प्रदेश में लगभग 22 लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई थी, जबकि इस वर्ष इससे भी अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान और अधिक प्रभावी साबित होगा।