दतिया। दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे आगामी उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियों के बीच एक बेहद दिलचस्प आर्थिक विश्लेषण सामने आया है। प्रत्याशियों द्वारा दाखिल किए गए नामांकन फॉर्म और उनके साथ संलग्न शपथ-पत्रों (Affidavits) के सार्वजनिक होने के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस के प्रत्याशी घनश्याम सिंह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की तुलना में कई गुना अधिक अमीर हैं। दतिया राजघराने के मुखिया घनश्याम सिंह जहाँ 20.08 करोड़ रुपए की विशाल चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं, वहीं उनके मुख्य प्रतिद्वंदी भाजपा के आशुतोष तिवारी के पास कुल 1.79 करोड़ रुपए की संपत्ति है। घनश्याम सिंह की कुल संपत्ति में एक बड़ा हिस्सा जमीनों और व्यावसायिक संपत्तियों का है, जिसमें उनके पास साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की कृषि भूमि और लगभग ढाई करोड़ रुपए की गैर-कृषि भूमि मौजूद है, साथ ही कुछ कमर्शियल बिल्डिंग्स भी उनके नाम दर्ज हैं। दूसरी तरफ, दोनों प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का दामन पूरी तरह साफ है और उनका कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।


पत्नियों की संपत्ति में उलटफेर: आशुतोष की पत्नी हैं ज्यादा अमीर

भले ही पतियों की कुल संपत्ति के मामले में कांग्रेस प्रत्याशी का पलड़ा बहुत ज्यादा भारी है, लेकिन जब बात दोनों नेताओं की पत्नियों की संपत्ति की आती है, तो यह समीकरण पूरी तरह से उलट जाता है। घनश्याम सिंह खुद भले ही करोड़ों के मालिक हैं, लेकिन उनकी पत्नी के नाम पर करीब 84.17 लाख रुपए की संपत्ति दर्ज है। इसके ठीक विपरीत, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी आर्थिक रूप से काफी समृद्ध हैं और वह कुल 1.76 करोड़ रुपए की मालिकियत रखती हैं, जिसमें से अकेले 1.31 करोड़ रुपए की तो उनकी कृषि भूमि ही शामिल है। दोनों ही परिवारों में एक और दिलचस्प समानता यह देखने को मिली है कि सोना (Gold) रखने के मामले में दोनों ही पत्नियां अपने-अपने पतियों से काफी आगे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के पास कुल 240 ग्राम सोना है, जबकि उनकी पत्नी के पास उनसे दोगुनी से भी अधिक यानी करीब 580 ग्राम सोने के आभूषण हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पास महज 80 ग्राम सोना है, जबकि उनकी पत्नी कल्पना तिवारी के पास 312 ग्राम सोने की मिल्कियत मौजूद है।


नकदी और देनदारी: आशुतोष पर बैंक का कर्ज अधिक, घनश्याम के पास कैश ज्यादा

शपथ-पत्र में दिए गए वित्तीय विवरण के अनुसार, वर्तमान में नकदी यानी कैश रखने के मामले में भी कांग्रेस प्रत्याशी थोड़ा आगे हैं। घनश्याम सिंह के पास इस समय 1.80 लाख रुपए की नकदी मौजूद है, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी के पास 1 लाख 54 हजार 500 रुपए कैश के रूप में रखे हैं। जहाँ तक कर्ज और देनदारियों का सवाल है, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के ऊपर विभिन्न बैंकों का कुल 11.83 लाख रुपए का कर्ज बकाया है, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह के ऊपर केवल 5.63 लाख रुपए की ही देनदारी है।


चुनावी प्रक्रिया: आज होगी नामांकनों की स्क्रूटनी, 16 जुलाई तक नाम वापसी का अंतिम मौका

दतिया उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारियों की बात करें तो सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने तक कुल 28 उम्मीदवारों द्वारा 32 नामांकन पत्र जमा किए गए हैं। निर्वाचन नियमों के तहत तकनीकी सुरक्षा के लिए कई बड़े चेहरों ने एक से अधिक सेटों में पर्चे भरे हैं, जिसमें कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने सर्वाधिक तीन नामांकन, भाजपा के आशुतोष तिवारी ने दो और एक अन्य प्रत्याशी दामोदर ने भी दो नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, आज यानी 14 जुलाई मंगलवार को इन सभी जमा किए गए नामांकनों की संवीक्षा (जांच) की जाएगी, जिसमें सभी शपथ-पत्रों और दस्तावेजों की बारीकी से कानूनी पड़ताल होगी। इसके बाद यदि कोई प्रत्याशी स्वेच्छा से चुनावी समर से बाहर होना चाहता है, तो उसके पास 16 जुलाई तक अपना नाम वापस लेने का अंतिम समय रहेगा, जिसके बाद दतिया के इस दंगल के असली धुरंधरों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।