उज्जैन। धार्मिक धारावाहिक 'देवों के देव महादेव' में भगवान शिव की कालजयी भूमिका और फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' से घर-घर में पहचान बनाने वाले सुप्रसिद्ध अभिनेता मोहित रैना शनिवार तड़के अपनी धर्मपत्नी अदिति के साथ विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। दोनों ने तड़के होने वाली बाबा महाकाल की आलौकिक भस्म आरती में सहभागिता की और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मोहित रैना और उनकी पत्नी अदिति शनिवार तड़के लगभग 4 बजे महाकाल मंदिर परिसर पहुंचे। दोनों ने करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान दंपति पूरी तरह शिव भक्ति में लीन नजर आया। दोनों ने हाथ जोड़कर देवाधिदेव महादेव को नमन किया और 'ओम नमः शिवाय' व महाकाल मंत्रों का सतत जाप किया।

आरती संपन्न होने के उपरांत उन्होंने गर्भगृह की देहरी से भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और पुजारियों के माध्यम से जलाभिषेक करवाया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा द्वारा अभिनेता व उनकी पत्नी का शॉल और प्रसादी भेंट कर औपचारिक सम्मान किया गया।

दर्शन उपरांत अपनी अनुभूति साझा करते हुए अभिनेता मोहित रैना ने भावुक स्वर में कहा, "मेरे पास अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। बाबा महाकाल के दर्शन का यह अनुभव अत्यंत अलौकिक और अद्भुत था। दर्शन बहुत ही सुगम और शांतिपूर्ण तरीके से हुए। मेरी यही प्रार्थना है कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद और कृपा समस्त देशवासियों पर सदैव बनी रहे।"


आश्विन शुक्ल सप्तमी पर हुआ बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक व दिव्य शृंगार

श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर शनिवार तड़के पारंपरिक मर्यादाओं के अनुरूप भस्म आरती संपन्न हुई। भोर में भगवान वीरभद्र से आज्ञा लेने के उपरांत ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का शीतल जल से अभिषेक किया और फिर दूध, दही, घी, शहद व फलों के रस से तैयार पंचामृत से विधिवत महाअभिषेक किया गया।

प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित करने और कपूर आरती के पश्चात बाबा को मुकुट, बेलपत्र और रुद्राक्ष की मालाओं से दिव्य स्वरूप में सजाया गया। इसके पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरा अनुसार बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म धारण करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती के दौरान पूरा महाकाल परिसर शंखध्वनि, घंटियों और 'जय श्री महाकाल' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। अलौकिक आरती के दर्शन के लिए मध्य रात्रि से ही हजारों श्रद्धालु कतारों में लगे नजर आए।