भुवनेश्वर। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुरुवार से शुरू होने वाले कैंपस चुनावों के दौरान हिंसा को रोकने के लिए कॉलेज अधिकारियों से परामर्श करके सक्रिय कदम उठाएं।

ओडिशा के डीजीपी ने भुवनेश्वर स्थित अपने कैंप कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कॉलेज चुनावों के संबंध में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और रेंज इंस्पेक्टर जनरलों (आईजी)/उप इंस्पेक्टर जनरलों (डीआईजी) ने भाग लिया।

बैठक में डीजीपी ने कॉलेज परिसरों में हिंसा को रोकने, शांति और व्यवस्था बनाए रखने, छात्र संघ चुनावों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने और चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने पर जोर दिया।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस को किसी कॉलेज में हिंसक घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही एहतियाती उपाय करके हिंसा को रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

इसलिए, डीजीपी मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को कॉलेज अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उन स्थानों और स्थितियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया जहां तनाव उत्पन्न हो सकता है।

उन्होंने परिसर चुनावों के दौरान और बाद में हिंसा को रोकने के लिए, जहां भी आवश्यक हो, तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया।

डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को कॉलेज चुनावों के दौरान संवेदनशील स्थितियों का आकलन करने और शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त पुलिस कर्मियों को तैनात करने की सलाह दी।

उन्होंने उन्हें चुनाव संबंधी किसी भी तनाव या विवाद को गंभीरता से लेने और कानून के अनुसार तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने बुधवार को राज्य भर के छात्रों से एक बार फिर हिंसा के किसी भी कृत्य में शामिल न होने और शांतिपूर्वक मतदान करने की अपील की।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में 2026-27 के छात्र संघ चुनावों में कुल 6,891 उम्मीदवार मैदान में हैं।

हिंसा और अन्य अशांति के कारण राज्य भर के कई कॉलेजों में कैंपस चुनाव रद्द कर दिए गए हैं।

इस बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), विपक्षी बीजद की छात्र शाखा बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) और कांग्रेस से संबद्ध वामपंथी दलों की छात्र शाखा राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के नेता गुरुवार को होने वाले छात्र संघ चुनावों में जीत हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।