अबू धाबी। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपनी तीन दिवसीय अबू धाबी यात्रा के दौरान जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोत्चोरिश्विली से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोत्चोरिश्विली से मिलकर खुशी हुई। व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में हमारे संबंधों का विस्तार हुआ है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने बिजनेस, कनेक्टिविटी, संस्कृति और पीपुल-टू-पीपुल संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। इसके साथ ही मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अबू धाबी पहुंचे हैं, जहां यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अबू धाबी पहुंचने के बाद डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि अबू धाबी पहुंच गया हूं। गर्मजोशी से स्वागत के लिए मंत्री रीम अल हाशिमी को धन्यवाद। हमारी बातचीत का इंतजार रहेगा।

भारत और जॉर्जिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंधों में लगातार प्रगति देखी गई है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन-देन में वृद्धि हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या जॉर्जिया में मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए जाती है, जो दोनों देशों के बीच पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को मजबूत करता है। पर्यटन भी एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जहां दोनों देश एक-दूसरे के नागरिकों के लिए अवसर तलाश रहे हैं।

कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा अहम रही। भारत मध्य एशिया और यूरोप के साथ संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिसमें जॉर्जिया एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभर सकता है। सांस्कृतिक सहयोग को लेकर भी दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख दिखाया।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों विदेश मंत्रियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर भारत का संतुलित और संवाद-आधारित समाधान का पक्ष जॉर्जिया के सामने रखा गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत की यूरोप और काकेशस क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ अपने संबंधों को विविधता देने की नीति पर काम कर रहा है और जॉर्जिया के साथ यह बैठक उसी दिशा में एक कदम है।