उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की आगामी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' की तैयारियां उज्जैन में जोर-शोर से चल रही हैं। विजयादशमी (20 अक्टूबर) के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर यह पदयात्रा लगभग 950 किलोमीटर का सफर तय करते हुए ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर के रास्ते अयोध्या पहुंचेगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा, बैनर या राजनीतिक चर्चा शामिल नहीं होगी। मंगलवार को उज्जैन के शिप्रा गार्डन में तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें दद्दा शिष्य मंडल के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण, कन्या भोज और भंडारे से होगी शुरुआत
यात्रा समन्वयक योगेंद्र सिंह परिहार और दद्दा शिष्य मंडल के वरिष्ठ सदस्यों के अनुसार शुभारंभ का दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों से भरा रहेगा: 20 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया जाएगा। अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद कन्या भोज और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इन धार्मिक कार्यक्रमों के बाद यात्रा औपचारिक रूप से अयोध्या के लिए रवाना होगी। सागर से पहुंचे वरिष्ठ शिष्यों सुरेंद्र सुहाने और अभिषेक गौर ने स्थानीय व्यवस्थापकों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
70 दिनों में 950 किमी पैदल सफर; रोजाना 15 किमी चलेंगे दिग्विजय सिंह और अमृता राय
आयोजकों ने बताया कि यात्रा को सामाजिक और धार्मिक जनजागरण के प्रतीक के रूप में डिजाइन किया गया है: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी अमृता राय प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल यात्रा करेंगे। करीब 70 दिनों में पदयात्रा के अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा में प्रतिदिन 2,000 से 3,000 लोगों के शामिल होने और रहने की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिए बड़ी संख्या में पंजीयन भी हो चुके हैं। दिग्विजय सिंह इसके लिए रोजाना पैदल चलने का अभ्यास भी कर रहे हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सत्य, धर्म, न्याय, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरण करना है।
5 पवित्र नदियों के जल के लिए विशेष रथ; उज्जैन जिले में 5 दिन रहेगा प्रवास
यात्रा के दौरान धार्मिक प्रतीकों को विशेष स्थान दिया गया है: देश की 5 पवित्र नदियों के जल को संग्रहित कर एक विशेष रथ में स्थापित किया जाएगा। इसी कड़ी में कल्याणपुरा घाट से शिप्रा नदी का जल कलश में एकत्र किया गया है। भरत पोरवाल के निर्देशन में महावीर जैन और सतीश शर्मा इस विशेष रथ का निर्माण कर रहे हैं। पदयात्रा उज्जैन जिले में कुल 5 दिनों तक प्रवास करेगी। पहला पड़ाव कनिपुरा रहेगा, जिसके बाद सिंदूरिया, तराना और कनासिया होते हुए यात्रा शाजापुर जिले की सीमा में प्रवेश करेगी।
समीक्षा बैठक में राजेंद्र वशिष्ठ, हेमंत सिंह चौहान, राजेश तिवारी, फूलचंद जरिया, नासिर पटेल, ऋषभ बाबू यादव और सुदर्शन गोयल सहित कई प्रमुख नागरिक व आयोजक मौजूद रहे।














