भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग (मंत्रालय, वल्लभ भवन) द्वारा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में वृक्षों के प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। सरकार ने 'मध्य प्रदेश वृक्षों का परिरक्षण (नगरीय क्षेत्र) अधिनियम, 2001' के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में 18 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में आधिकारिक प्रकाशन कर दिया गया है।
क्या है नया आदेश और किसे मिली जिम्मेदारी?
नगरीय निकायों के कार्यों के लिए क्षेत्राधिकार वाले और वन विभाग के स्वामित्व या वन विकास निगम को हस्तांतरित भूमि पर खड़े वृक्षों को काटने या हटाने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है:
- 'वृक्ष अधिकारी' (Tree Officer): संबंधित क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी (Range Forest Officer / RFO) या परियोजना क्षेत्रपाल को "वृक्ष अधिकारी" नियुक्त किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में पेड़ काटने या हटाने की अनुमति इन्हीं के द्वारा दी जाएगी।
- 'अपीलीय अधिकारी' (Appellate Authority): सहायक वन संरक्षक संवर्ग के उप वनमंडलाधिकारी (क्षेत्रीय) [Sub-Divisional Officer / SDO] या संभागीय प्रबंधक (वन विकास निगम) को "अपीलीय अधिकारी" बनाया गया है। वृक्ष अधिकारी के फैसलों के खिलाफ अपील इनके पास की जा सकेगी।
किस अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई?
यह आदेश 'मध्य प्रदेश वृक्षों का परिरक्षण (नगरीय क्षेत्र) अधिनियम, 2001 (क्रमांक 20 सन् 2001)' की धारा 24 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 4 एवं धारा 9 के तहत जारी किया गया है। यह अधिसूचना मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, उपसचिव प्रमोद कुमार शुक्ला द्वारा जारी की गई है। इस कदम से नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों के दौरान या अन्य कारणों से वृक्षों को काटने और हटाने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और विनियमित (Regulated) हो सकेगी।





