दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 के मद्देनजर राजनैतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। चुनावी समर में उतरे प्रत्याशी और स्टार प्रचारक जनता को रिझाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक बेहद दिलचस्प और अनूठा अंदाज देखने को मिला है। वार्ड क्रमांक 14 और 19 के बाद शुक्रवार को वार्ड 6 और 7 में किए गए जनसंपर्क के दौरान डॉ. मिश्रा के इस कदम की चर्चा अब पूरे दतिया के राजनैतिक गलियारों में जोरों पर है।
जब समर्थकों से बोले नरोत्तम—'अभी नहीं, माला दूल्हे को पहनाना'
घटना शुक्रवार शाम की है, जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा का काफिला चुनाव प्रचार के लिए तय वार्डों की तंग गलियों में पहुंचा। वरिष्ठ नेता को अपने बीच पाकर वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। समर्थक तुरंत डॉ. मिश्रा का भव्य स्वागत करने, उन्हें फूलों की माला पहनाने और तिलक लगाने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान डॉ. मिश्रा ने मुस्कुराते हुए खुद को विनम्रतापूर्वक पीछे खींच लिया और बेहद मजाकिया लहजे में कार्यकर्ताओं से कहा, "अभी नहीं... अभी दूल्हा पीछे आ रहा है, माला उसे पहनाना।" उनका सीधा इशारा उनके ठीक पीछे चल रहे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की ओर था।
खुद पीछे हटकर प्रत्याशी को दिया पूरा सम्मान, सादगी की हो रही चर्चा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने स्वागत को सहजता से टालते हुए पूरी कर्मठता के साथ कार्यकर्ताओं का ध्यान मुख्य प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की तरफ केंद्रित कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ नेता के निर्देश पर समर्थकों ने आगे बढ़कर भाजपा प्रत्याशी का फूल-मालाओं और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया। सामान्यतः राजनैतिक रैलियों में बड़े और स्थापित नेताओं का स्वागत पहले किए जाने की परंपरा रही है, लेकिन डॉ. मिश्रा द्वारा स्वयं पीछे हटकर चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी को आगे बढ़ाना वहां मौजूद आम जनता के बीच भी कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया। समर्थकों ने इस घटनाक्रम को उनकी सादगी, बड़प्पन और अनूठी कार्यशैली का एक जीवंत उदाहरण बताया है।
राजनैतिक हलकों में संदेश और उपचुनाव का बदलता परिदृश्य
इस रोचक घटनाक्रम को लेकर दतिया के राजनैतिक विश्लेषकों और विरोधियों के बीच अलग-अलग कयास और व्याख्याएं शुरू हो गई हैं। कई वरिष्ठ राजनेताओं का मानना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इस छोटे से वाक्य के जरिए संगठन के कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव में चेहरा कोई भी हो, प्राथमिकता हमेशा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी और संगठन को ही मिलनी चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले पर डॉ. मिश्रा की ओर से कोई भी आधिकारिक या औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। बहरहाल, दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने डोर-टू-डोर जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं के जरिए अपना प्रचार अभियान बेहद आक्रामक कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनैतिक पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।




