बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को दूध की कीमतों में 8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी 1 नवंबर से लागू होगी, जिसमें से 7 रुपए किसानों को और 1 रुपये दुग्ध संघों को मिलेंगे।किसानों को मिलने वाली कीमत 35 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 42 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। इसमें सरकार की ओर से दी जाने वाली 5 रुपए की मौजूदा सब्सिडी को जोड़ दें, तो उन्हें कुल 47 रुपए प्रति लीटर मिलेंगे।

जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने गुरुवार को कीमतों में इस बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके हितों की रक्षा होगी।

विधान सौधा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है कि इस बढ़ोतरी का फायदा किसानों को मिले।

उन्होंने सवाल किया, "मेरे पिता भी एक किसान हैं। अगर उन्हें 7 रुपए ज्यादा मिलते हैं, तो हम जैसे शहरी उपभोक्ताओं के लिए दूध खरीदते समय 1 रुपया अतिरिक्त देने में क्या हर्ज है? क्या हमें अपने ही पिता को पैसे देने के बारे में दो बार सोचना चाहिए?"

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित फर्जी वीडियो के मामले में, चेलुवरयास्वामी ने कहा कि 'स्टिंग ऑपरेशन' के नाम से जारी किए गए इस फुटेज को बनाने और फैलाने वालों की जांच चल रही है।

उन्होंने कहा, "जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाया है, वे दोषी हैं और जिन्होंने इसे आगे फैलाया है, वे भी उतने ही जिम्मेदार हैं। हमें अब उन लोगों के बारे में जानकारी मिल गई है जिन्होंने इसे लीक किया था। सोशल मीडिया पर इसे फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्री जी. परमेश्वर इस जांच के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि फर्जी वीडियो फैलाने की कोशिशों से सिद्धारमैया की सार्वजनिक छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और लोग ऐसी कोशिशों को स्वीकार नहीं करेंगे।

मंत्री ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के खिलाफ कोई सबूत न होने के बावजूद, कुछ लोगों को लालच देकर यह वीडियो तैयार करवाया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग इसमें शामिल थे, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री को निशाना बनाने से पहले इसके नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था, जिन्होंने राजनीति में कई दशक बिताए हैं।

उन्होंने कहा कि जांच से यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली में वीडियो जारी करने के पीछे कौन था, इस काम में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन कहां से आया और सोशल मीडिया पर फुटेज किसने फैलाई।

चेलुवरयास्वामी ने बताया कि इस मामले में जेडीएस के सोशल मीडिया विंग से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य लोग फरार बताए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जांच पूरी होने का इंतजार करें, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग पर मंत्री ने कहा कि इस मामले में फैसला लेने का अंतिम अधिकार केंद्र सरकार के पास है, क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की जिम्मेदारी उसी की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र का सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की मांगों को देखते हुए मुख्यमंत्री पहले ही हस्तक्षेप कर चुके हैं और राज्य सरकार ने केंद्र पर दबाव भी डाला है।

उन्होंने कहा, "केंद्र को अब हमारे किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।"