छतरपुर, संजय अवस्थी। शहर में इन दिनों बदहाल सड़कों की वजह से आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य मार्गों पर बने गहरे गड्ढे और उनसे उठने वाले धूल के गुबार ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बारिश का मौसम ख़त्म होने के बाद नगर की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाना तय था, लेकिन मानसून बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिम्मेदारों की इस अनदेखी के कारण शहर का यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
महोबा और पन्ना रोड की हालत सबसे खऱाब, उड़ती धूल से दृश्यता बाधित
शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शामिल महोबा रोड और पन्ना रोड की स्थिति इस समय सबसे ज़्यादा जर्जर बनी हुई है। इन मुख्य रास्तों पर तीन महीने से अधिक समय से गहरे-गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे गुजऱने वाले वाहन चालकों को हर पल ख़तरा महसूस होता है। मार्ग से वाहनों के गुजऱते ही भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे पीछे आ रहे वाहन चालकों को सामने का रास्ता साफ़ दिखाई नहीं देता। स्थानीय वाहन चालक रवि अनुरागी के अनुसार सड़क पर उडऩे वाली धूल के कारण गाड़ी चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है और हमेशा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, लगातार गड्ढों से गुजऱने के कारण गाडिय़ाँ भी खऱाब हो रही हैं और लोगों को आर्थिक चपत लग रही है।
गाडिय़ाँ पलटने का बना रहता है ख़तरा, सुध लेने वाला कोई नहीं
सड़कों के सुधार कार्य में हो रही देरी से स्थानीय निवासियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। पन्ना रोड और महोबा रोड से नियमित रूप से आवाजाही करने वाले अंकित खटीक ने बताया कि रास्ते की हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि संतुलित तरीक़े से गाड़ी निकालना भी मुश्किल हो गया है और छोटे-बड़े वाहनों के अनियंत्रित होकर पलटने का डर लगा रहता है। लगातार तीन महीनों से सड़कों की दुर्दशा बनी रहने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से मरम्मत का कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया है, जिससे राहगीरों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।













