छतरपुर/खजुराहो। श्री मतंगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख के निर्देशन में ग्राम हकीमपुरा स्थित आयुर्ग्राम में सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप कन्या पूजन एवं कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नन्हीं कन्याओं ने सहभागिता करते हुए पूजन एवं प्रसाद ग्रहण किया।


कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कन्याओं के चरण पखारकर, तिलक लगाकर एवं चुनरी ओढ़ाकर उनके विधिवत पूजन से हुआ। इसके पश्चात सभी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया तथा उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।


इस अवसर पर पंडित सुधीर शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने उद्बोधन में कहा कि सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या सनातन धर्म में पितरों के प्रति श्रद्धा, तर्पण, दान एवं सेवा का अत्यंत पुण्यदायी पर्व है। इस पावन अवसर पर कन्या पूजन एवं कन्या भोज का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को आदिशक्ति, माँ दुर्गा एवं देवी स्वरूप माना गया है। कन्याओं का सम्मान एवं सेवा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, परिवार में सुख, समृद्धि, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा समाज में नारी सम्मान, संस्कार और सेवा की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति के संरक्षण, सेवा, दान तथा सामाजिक समरसता के कार्यों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया।


कार्यक्रम का सफल संचालन केरल के श्री कृष्णा प्रसाद ने किया। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत भक्तिमय एवं आध्यात्मिक रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, पितृ श्रद्धा, नारी सम्मान एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी आयोजन बताया।