भोपाल, जीतेन्द्र यादव। भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आजादी के समय हुई ऐतिहासिक भूलों का खामियाजा लाखों लोगों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान 40 हजार से अधिक लोगों ने अपने प्राण गंवाए और उसी समय भारत के विभाजन की नींव रखी गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस दौर के षड्यंत्रों और विसंगतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि "एक देश, एक प्रधान, एक विधान" के सिद्धांत को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और देश से उस विसंगति को समाप्त किया गया है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों और विचारों के आधार पर मध्य प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में अर्श और फर्श सभी समान हैं और कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य सरकार आगामी मानसून सत्र में इस कानून को पारित करेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है और सरकार चाहे तो इसे सीधे पारित करा सकती है, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सभी वर्गों और पक्षों से चर्चा कर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी 55 जिलों की तहसीलों में विभिन्न वर्गों, समुदायों और धर्मों के लोगों से सुझाव लिए गए हैं। यूसीसी के संबंध में 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनका गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है।




