पन्ना, अमित सिंह। जिले के सरकोहा गांव में सात गरीब मजदूरों की किस्मत उस समय चमक उठी, जब खेत की खदान से निकली चाल के ढेर में उन्हें 16.96 कैरेट का बेशकीमती जेम क्वालिटी का हरा हीरा मिला। हीरे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। हीरा मिलने के बाद मजदूरों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि आर्थिक तंगी के चलते 30 से 38 वर्ष की उम्र तक तीन मजदूरों की शादी नहीं हो सकी थी, लेकिन अब हीरे से मिलने वाली रकम से उनके घर बसने की उम्मीद जगी है।


जानकारी के अनुसार सरकोहा गांव में सात मजदूर पार्टनर के रूप में खदान में हीरे की तलाश कर रहे थे। वर्ष 2024 में खदान का पट्टा जारी हुआ था। खदान में कुछ चाल और मिट्टी बची हुई थी, जिसके चलते मजदूर लगातार हीरे की तलाश में जुटे थे। बारिश के दौरान पार्टनरों ने आपस में चर्चा कर खदान की चाल का जायजा लेने का फैसला किया। इसी दौरान पट्टाधारक अखिलेश पाल की नजर मिट्टी के बीच चमकते हुए पत्थर पर पड़ी। जांच के बाद उसके हीरा होने की पुष्टि हुई।


बताया गया कि यह दुर्लभ हरे रंग का जेम क्वालिटी हीरा 16.96 कैरेट का है। हीरे को मजदूरों ने शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। अब इसे आगामी सरकारी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी के बाद नियमानुसार रॉयल्टी एवं अन्य शासकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद शेष राशि सातों पार्टनरों में बराबर-बराबर बांटी जाएगी।


हीरा मिलने से मजदूर संतोष, शर्मन और अरुण के लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब आर्थिक तंगी के कारण रुकी उनकी शादी की राह आसान हो सकती है। तीनों की उम्र 30 से 38 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मजदूरों का कहना है कि हीरे से मिलने वाली रकम से वे अपने कच्चे छप्परों को पक्का मकान बनाने, बच्चों की बेहतर शिक्षा और शादी-विवाह में खर्च करने की योजना बना रहे हैं।


पट्टाधारक अखिलेश पाल ने बताया कि बारिश के दौरान खदान का निरीक्षण करते समय मिट्टी के बीच चमकती हुई यह बेशकीमती धरोहर दिखाई दी थी। हीरे की पुष्टि होने के बाद सभी पार्टनरों और उनके परिवारों में उत्साह है। अब मजदूरों की नजर सरकारी नीलामी पर टिकी है, जहां इस हीरे की कीमत और बढ़ने की उम्मीद है। पन्ना के हीरा कारोबारियों के लिए भी यह दुर्लभ हरे रंग का हीरा आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।