भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बड़ा आदेश जारी किया है। एक ओर जहाँ नियमित शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति (अटेंडेंस) को लेकर नियमों में और कड़ाई की गई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों के रुके हुए मानदेय और री-जॉइनिंग की समस्याओं को हल करने की राहत भरी पहल शुरू की गई है।


नियमित शिक्षकों के लिए बदला ऑनलाइन हाजिरी का समय

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है: पहले शिक्षकों को सुबह 9:30 बजे से 10:45 बजे के बीच ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने की छूट थी। अब इस समय सीमा को घटाकर सुबह 10:00 बजे तक करने की तैयारी है। यानी अब शिक्षकों को सुबह 10 बजे से पहले हर हाल में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।


70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत

प्रदेश के दूर-दराज और नेटवर्क विहीन (नो-नेटवर्क Zone) ग्रामीण इलाकों में पढ़ा रहे हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है: नेटवर्क न होने के कारण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी, जिससे कई स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग अटक गई थी और उनका मानदेय (वेतन) भी रुक गया था। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर ऐसे सभी नेटवर्क-विहीन स्कूलों, वहां कार्यरत अतिथि शिक्षकों और उनके लंबित मानदेय की विस्तृत जानकारी मांगी है। डेटा मिलते ही विभाग इन तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगा, जिससे प्रदेश के लगभग 70,000 अतिथि शिक्षकों का लंबित मानदेय जल्द जारी हो सकेगा।