उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े सड़क चौड़ीकरण विवाद में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती की एंट्री हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विकास कार्य और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन बनाने की अपील की है। उमा भारती ने सुझाव दिया है कि मंदिर को अपनी जगह पर यथावत रखते हुए सड़क का वैकल्पिक नक्शा तैयार किया जाए।
भोपाल के कमलापति पार्क और मस्जिद का दिया उदाहरण
10 सितंबर 2026 को लिखे अपने पत्र में उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन के प्रति लगाव और धार्मिक गरिमा की समझ की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने भोपाल के ऐतिहासिक उदाहरण का जिक्र किया: उमा भारती ने बताया कि भोपाल में कमलापति पार्क के पास सड़क चौड़ीकरण के दौरान वहां मौजूद मस्जिद को छुए बिना ही सड़क का रास्ता निकाल लिया गया था। उन्होंने कहा कि ठीक इसी तर्ज पर उज्जैन में भी खड़े हनुमान मंदिर को बिना क्षति पहुंचाए या विस्थापित किए सड़क निर्माण का दूसरा रास्ता निकाला जा सकता है।
विकास और धार्मिक आस्था दोनों को साथ लेकर चलने की अपील
पूर्व सीएम ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि विकास की आवश्यकता और जन-आस्था दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सड़क का नक्शा (अलाइनमेंट) इस तरह से री-डिजाइन किया जाना चाहिए कि यातायात सुगम हो सके और मंदिर का अस्तित्व व धार्मिक पवित्रता भी बनी रहे।
प्रशासन और सरकार के रुख पर टिकीं निगाहें
उमा भारती के इस हस्तक्षेप के बाद खड़े हनुमान मंदिर को लेकर जारी बहस फिर से तेज हो गई है। अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उज्जैन जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या सड़क का वैकल्पिक अलाइनमेंट तैयार किया जाता है या प्रशासन अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही काम आगे बढ़ाएगा।




