बेंगलुरु। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक कांग्रेस सरकार और केंद्रीय मंत्री एचडी. कुमारस्वामी के बीच कई मुद्दों पर चल रही खींचतान ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के तहत परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने के लिए मांड्या में भूमि आवंटन को लेकर और भी तीव्र हो गई है।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के तहत प्रस्तावित परियोजनाएं, एक निर्माण और अवसंरचना उपकरण (सीआईई) परीक्षण केंद्र और एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) परीक्षण केंद्र, केंद्रीय मंत्री के कार्यालय और राज्य मंत्रियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की तीखी बहस का कारण बनी हैं।

कुमारस्वामी मांड्या लोकसभा सीट से सांसद हैं। कांग्रेस नेताओं ने कुमारस्वामी की आलोचना करते हुए कहा है कि वे मांड्या क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग लाने में विफल रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के सचिव केआर रघुकुमार ने कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को भेजे गए एक पत्र में लिखा है कि... कुमारस्वामी ने जल संसाधन और मांड्या जिले के प्रभारी मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों पर घोर असंतोष व्यक्त किया।

मांड्या में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की उपस्थिति में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभा में मंत्री चेलुवरयास्वामी ने दावा किया था कि 100 एकड़ भूमि पहले ही एआरएआई को सौंप दी गई है और राज्य सरकार आवश्यकता पड़ने पर 500 एकड़ तक भूमि देने को तैयार है।

केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने इन दावों का पुरजोर खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह से झूठा और जनता को गुमराह करने वाला बताया है।

पत्र में कहा गया कि एआरएआई, केंद्रीय मंत्री और मंत्री के कार्यालय को राज्य सरकार या जिला प्रशासन से 100 एकड़ भूमि के आवंटन के संबंध में कोई सूचना या स्वीकृति आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र में तत्काल स्पष्टीकरण और यदि वास्तव में भूमि आवंटित की गई है तो आधिकारिक स्वीकृति आदेश की प्रति की मांग की गई है।

केंद्रीय मंत्री के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने असहयोग के आरोपों का खंडन किया और जोर देकर कहा कि राज्य सरकार फाइलों को आगे बढ़ा रही है।

केंद्रीय मंत्रालय के आरोपों को खारिज करते हुए शिवकुमार ने कहा कि हमने 100 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उन्होंने (कुमारस्वामी) इसे अस्वीकार कर दिया और अधिक जमीन मांगी। हम और जमीन देंगे। वे पिछले दो-तीन वर्षों से पुराने मामलों पर बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें जमीन चुनने और प्रस्ताव रखने दीजिए, हम उन्हें जमीन उपलब्ध करा देंगे।