नई दिल्ली। केरल सरकार ने वायनाड जिले में कल्लाडी टनल परियोजना के निर्माण स्थल से सुरक्षित तरीके से मिट्टी हटाने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने यह जानकारी दी। दरअसल टनल निर्माण स्थल पर भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कई लोगों की जान चली गई थी।मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि केरल सरकार ने वायनाड कल्लाडी टनल प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट पर जमा मिट्टी को सुरक्षित रूप से हटाने के मामले की जांच करने और उस पर रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन सदस्यों वाली एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और लोक निर्माण मंत्री की एक हाई-लेवल मीटिंग में यह फैसला किया गया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर जानकारी दी, "केरल सरकार ने वायनाड कल्लाडी टनल प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान जमा हुई मिट्टी को सुरक्षित रूप से हटाने पर रिपोर्ट देने के लिए 3 सदस्यों की एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कमेटी में डॉ. संतोष जी. थम्पी (प्रोफेसर, एनआईटी कालीकट), डॉ. जूड इमैनुएल (पर्यावरण वैज्ञानिक, डीओईसीसी-संयोजक) और एनसीईएसएस के एक प्रतिनिधि शामिल हैं।"
एक्सपर्ट पैनल की ओर से साइट पर हालात का जायजा लिया जाएगा और जमा हुई मिट्टी को सुरक्षित रूप से हटाने के उपाय सुझाएगा।
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा था कि निर्माण स्थल के पास जमा खुदाई की मिट्टी और मलबा खिसकना घटना का कारण बना। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार कंपनी ने इस सामग्री को हटाने के दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के हेडक्वार्टर का दौरा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि वायनाड के जिला कलेक्टर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 20 जून को ही कॉन्ट्रैक्टर को साइट से खोदी हुई मिट्टी हटाने के निर्देश दिए थे।
मॉनसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केरल में नेशनल हाईवे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों के साथ एक मीटिंग की है और उन्हें जोखिम वाली जगहों की पहचान करने और निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।




