पन्ना, अमित सिंह राठौर। बुंदेलखंड की धर्मनगरी पन्ना में जन्माष्टमी का पर्व इस बार भी भव्य अंदाज में मनाया जा रहा है। प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर जन्माष्टमी के रंग में रंग चुका है। मंदिर में भगवान जुगल किशोर के विशेष श्रृंगार और दरबार की सजावट की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान को करोड़ों रुपये कीमत के हीरा जड़ित आभूषण पहनाए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मथुरा की परंपराओं की तर्ज पर पन्ना में जन्माष्टमी मनाई जाती है। इसी वजह से पन्ना को मिनी वृंदावन के रूप में भी पहचान मिलती है। जन्माष्टमी के दौरान पूरा शहर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आता है। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है।
भगवान जुगल किशोर की हीरा जड़ित मुरली यहां विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। पन्ना की कृष्ण भक्ति से जुड़ा प्रसिद्ध भजन “पन्ना के जुगल किशोर, मुरलिया में हीरा जड़े हैं” सहित बुंदेली भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठता है।
जन्माष्टमी के खास मौके पर भगवान जुगल किशोर को विशेष पोशाक पहनाई जाएगी, जिसे मथुरा से मंगाया गया है। इसके साथ ही भगवान का हीरा जड़ित मुरली और बेशकीमती आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। भगवान के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पन्ना पहुंचने की उम्मीद है।
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठेगा। हर साल जन्माष्टमी पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान जुगल किशोर के विशेष श्रृंगार और दर्शन के लिए पन्ना पहुंचते हैं।
पन्ना में जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और भक्ति का भव्य उत्सव है। मथुरा जैसी कृष्ण भक्ति, जुगल किशोर का मनमोहक श्रृंगार और श्रद्धालुओं की आस्था जन्माष्टमी के मौके पर पन्ना को मिनी वृंदावन का स्वरूप प्रदान करती है।




