पन्ना, अमित सिंह राठौर। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत पुरैना स्थित जेके सीमेंट फैक्ट्री एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्थानीय समाजसेवी अंकित पाठक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि कंपनी द्वारा सरकारी प्राथमिक स्कूल, कोटवार की जमीन और किसानों की निजी भूमियों पर बिना वैध अनुमति के अवैध खनन और खुदाई की जा रही है। ग्राम पंचायत कोनी के ग्रामीणों ने भी इस संबंध में पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।

कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को ही थमाया नोटिस

याचिकाकर्ता का आरोप है कि खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच तो की, लेकिन दोषी कंपनी पर कार्रवाई करने के बजाय शिकायत दबाने का प्रयास किया गया। हद तो तब हो गई जब तहसीलदार सिमरिया की ओर से शिकायतकर्ता अंकित पाठक को ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 136(3) के तहत नोटिस जारी कर दिया गया। प्रशासन के इस रवैये से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी है।

हाईकोर्ट सख्त, चीफ जस्टिस की बेंच ने 11 पक्षों को जारी किया नोटिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों सहित 11 पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है और यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि शिकायतों पर अब तक क्या प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं।

आगे क्या?

हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद अब गेंद राज्य सरकार और जिला प्रशासन के पाले में है। दो सप्ताह बाद सरकार द्वारा दिए जाने वाले जवाब और आगामी न्यायिक सुनवाई से ही अवैध खनन के आरोपों की सच्चाई और शिकायतकर्ता पर की गई कार्रवाई की वैधानिकता स्पष्ट हो सकेगी।