मुंबई। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की ओर से भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया। इस मामले में अभिनेता की पार्टनर लेखा वॉशिंगटन ने शुक्रवार को पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है।दरअसल, 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान भी आम नागरिक के तौर पर शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था।

प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस में इमरान खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, भारत सरकार की एजेंसी एफआरआरओ और मुंबई पुलिस ने आव्रजन और विदेशी अधिनियम के उल्लंघन के तहत उन्हें देश छोड़ने का नोटिस दिया।

अभिनेता को भारत छोड़ने का आदेश मिलने के बाद, उनकी साथी लेखा ने 10 अक्टूबर को पुलिस हिरासत के दौरान कैदी वाहन (प्रिजन वैन) से उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने केवल 'बस' लिखा और साथ में कई हार्ट इमोजी बनाए।

इमरान खान अब एफआरआरओ द्वारा जारी किए गए नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट जाने वाले हैं। वे नोटिस के खिलाफ रिट याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने एमजैडएम लीगल एलएलपी को अपना वकील बनाया है। एमजैडएम लीगल के मैनेजिंग पार्टनर जुल्फिकार मेमन से जब इस मामले पर बात की गई, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

बता दें कि इमरान खान का जन्म अमेरिका में हुआ था और वे अमेरिकी नागरिक हैं। वे अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं और सालों से भारत (मुंबई) में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास भारत की नागरिकता नहीं बल्कि ओसीआई कार्ड या विदेशी नागरिक का स्टेटस है।

भारतीय आव्रजन कानून के मुताबिक, किसी भी विदेशी नागरिक या ओसीआई कार्डधारक को भारत के अंदर किसी भी तरह के राजनीतिक आंदोलन, रैली या विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। इसी नियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा गया है।