भोपाल, जीतेन्द्र यादव। भोपाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले का घेराव करने के लिए एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर हंगामा और तीखी झड़प देखने को मिली।
प्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी के नेता तरुण पुष्कर सहित तमाम कार्यकर्ता पुलिस द्वारा लगाए गए पहले बैरिकेड को तोड़कर तेजी से आगे निकल गए। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को भारी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने दूसरे बैरिकेड पर कड़े इंतजाम कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक लिया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पार्टी के नेता दामोदर यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से ओबीसी विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 साल तक शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे हैं और वर्तमान में पिछड़ा वर्ग की मंत्री कृष्णा गौर हैं, इसलिए आजाद समाज पार्टी और प्रदेशभर के साथी पूर्व मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरना देने जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर सरकार में दम है तो रोक कर दिखाए, हम इस सरकार से पूरी ताकत से लड़ेंगे।
दामोदर यादव ने अपनी मुख्य मांगें रखते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में 33 प्रतिशत आरक्षण के तहत अभ्यर्थियों को तत्काल प्रभाव से नियुक्तियां दी जाएं। साथ ही, राज्य में जनसंख्या के अनुपात में अन्य वर्गों की तर्ज पर ओबीसी वर्ग को भी पूरा आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने आंदोलन की अगली रणनीति स्पष्ट करते हुए बताया कि विरोध का यह सिलसिला चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। पहले चरण में पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपे थे, और आज दूसरे चरण में पूर्व मुख्यमंत्री के आवास का घेराव कर धरना दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे श्यामला हिल्स को जंतर-मंतर बनाने का काम करेंगे और मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।












