मुंबई। मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:22 पर सेंसेक्स 160 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,319 और निफ्टी 79 अंक या 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,541 पर था। शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव ऑटो शेयरों पर देखा जा रहा था। सूचकांकों में निफ्टी ऑटो टॉप लूजर था। इसके बाद निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में थे।
दूसरी निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 404 अंक या 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,936 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक या 1.04 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,044 पर था।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, ताइपे और सोल हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता लाल निशान में था। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को मिश्रित बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.86 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.24 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
जानकारों के मुताबिक, एफआईआई की लगातार बिकवाली पिछले दो ट्रेडिंग दिनों में और तेज हो गई, इस दौरान उन्होंने कुल 20,128 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। यूएस के 10-साल के बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 5.3 प्रतिशत होने के कारण, एफआईआई की बिकवाली जारी रह सकती है। एफआईआई की गतिविधियों में एक विरोधाभास यह है कि एक्सचेंज के जरिए बिकवाली करने के बावजूद, वे लगातार प्राइमरी मार्केट में निवेश कर रहे हैं और महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर भी खरीद रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशक बाजार के इस कमजोर दौर का फायदा उठाकर अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक जमा कर सकते हैं, खासकर ग्रोथ सेगमेंट में मौजूद लार्ज-कैप स्टॉक, जहां निवेश के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो फायदेमंद है।













