नई दिल्ली। भारत ने काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को एक बयान जारी कर रोमानिया की तारीफ की जिसके रक्षक दल ने वाणिज्यिक जहाज सवार तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया।
एमईए ने बयान में कहा, "हम काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो विदेशी नाविक मारे गए और तीन भारतीयों समेत चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचा लिया और उनका रखरखाव किया जा रहा है।"
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज के चालक दल में शामिल तीनों भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने रोमानियाई रक्षक दल का आभार जताते हुए कहा, "हम इस घटना में त्वरित कार्रवाई के लिए रोमानियाई अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।"
इसमें आगे कहा गया कि भारत व्यावसायिक जहाजों और नाविकों पर हुए हमलों को गंभीर मानता है। डायलॉग और डिप्लोमेसी को किसी भी मतभेद का समाधान बताते हुए एमईए ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में यातायात को निशाना बनाना वैश्विक वाणिज्य और दुनिया भर के लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। हम अपील करेंगे कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए करें।"
विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ की शुरुआत की थी। इस समूह में 25 देश शामिल हैं।
सोमवार को ब्लैक सी (काला सागर) में कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीय नागरिकों समेत कई क्रू सदस्यों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस हमले में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई थी। भारतीय दूतावास ने घटना के बाद ही अपडेट दिया था। बताया था कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उनका इलाज रोमानिया के अस्पताल में चल रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस हमले का जिम्मेदार रूस को ठहराया था। उन्होंने ये भी बताया था कि शिप में अजरबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे। जहाज में मक्का लदा था और ये यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से इटली के रावेना ले जाया जा रहा था।











