नई दिल्ली। नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-कोरिया गणराज्य की 10वीं रक्षा उद्योग और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर संयुक्त समिति बैठक (जेसीएम) हुई। रक्षा मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने रक्षा उद्योगों और लॉजिस्टिक्स में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और रक्षा संबंधों को और मजबूत व विस्तारित करने के उपायों पर चर्चा की।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चर्चा के दौरान दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने और रक्षा उत्पादन एवं लॉजिस्टिक्स में अधिक जुड़ाव को बढ़ावा देने पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।
बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय में अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने की।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत सियोंग हो ली और रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव जाडे भी दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित थे।
दोनों देशों की प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और मेसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) ने चर्चा में भाग लिया। कोरिया गणराज्य की ओर से हानवा एयरोस्पेस, कोरियन एयर, हानवा सिस्टम्स, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (केएआई) और डीएस नेवकोर्स ने प्रतिनिधित्व किया।
जेसीएम के दौरान कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा रक्षा उद्योगों और लॉजिस्टिक्स में सहयोग को गहरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
10वीं जीसीएम ने भारत और कोरिया गणराज्य के बीच घनिष्ठ और बढ़ते रक्षा संबंधों की पुष्टि की और रक्षा उत्पादन व लॉजिस्टिक्स में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
रक्षा मंत्रालय ने कार्यक्रम की तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कोरिया के डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के उपमंत्री किम इल डोंग ने नई दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस बातचीत में भारत और कोरिया गणराज्य के बीच आपसी रक्षा सहयोग को और मजबूत करने और डिफेंस इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स में सहयोग को गहरा करने के साझा वादे को फिर से सुनिश्चित किया गया। आरओके की तरफ से भारत की मेक इन इंडिया पहल के लिए अपना समर्थन दोहराया गया। किम इल डोंग डिफेंस इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं इंडिया-आरओके जॉइंट कमेटी मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारत के एक दिन के ऑफिशियल दौरे पर हैं।"













