भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले रविवार से शुरू हुए आंदोलन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि और शिक्षक शामिल हो रहे हैं। शिक्षकों की प्रमुख मांग सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की है। साथ ही प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना करने तथा शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई गई है।


मोर्चे का कहना है कि मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला है। शिक्षकों ने तमिलनाडु की तर्ज पर मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर TET से संबंधित प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने TET के आवेदन नहीं भरने का सामूहिक निर्णय लेने की बात भी कही है।


यह भी पढि़ए: बाइक से खतरनाक करतब का वीडियो वायरल:जबलपुर में पुलिस कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रही स्टंटबाजी



शिक्षकों का कहना है कि प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना होने पर उन्हें ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और पेंशन सहित सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ मिल सकेंगे। मोर्चे ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की घोषणा की है। 2 अक्टूबर को विशेष उपवास और विभिन्न संभागों से शिक्षकों की नीलम पार्क में भागीदारी प्रस्तावित है। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कर तीनों मांगों पर सीधे चर्चा की मांग की है। मोर्चे के अनुसार मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रमुख मांगें:

सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त हो।

प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए।

शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त की जाए।