छतरपुर, संदीप यादव: जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक मानसिक रूप से कमजोर और दिव्यांग युवक के साथ अप्राकृतिक कृत्य किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी युवक को बिस्किट खिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर ले गया था और खेत में इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। गनीमत यह रही कि समय रहते युवक की मां टॉर्च लेकर मौके पर पहुँच गई और आरोपी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया, जिसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

बिस्किट का लालच देकर दुकान से बहला-फुसलाकर ले गया था आरोपी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 55 वर्षीय महिला मजदूरी कर अपना जीवनयापन करती है। घटना वाली रात करीब 7:30 बजे उसका दिव्यांग बेटा गांव की एक दुकान के पास खड़ा हुआ था। इसी दौरान उसी गांव का रहने वाला इस्तयाक खान उर्फ स्टाटर वहां पहुंचा।

आरोपी ने अरबाज को बहलाते हुए बिस्किट खिलाने की बात कही। जब दिव्यांग युवक ने जाने से मना किया, तो आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया और जबरन उसे पास के जंगल और खेतों की तरफ खींचकर ले गया।

मां ने टॉर्च की रोशनी में देखा तो मौके से भागा दरिंदा

कुछ देर बाद जब गांव के अन्य लोगों ने महिला को उसके बेटे को जंगल की तरफ ले जाए जाने की सूचना दी, तो वह परेशान होकर टॉर्च लेकर बेटे की तलाश में निकल पड़ी। अंधेरा होने के कारण वह टॉर्च की रोशनी से खेत-खेत तलाश करती हुई आगे बढ़ी।

जब वह एक खेत के पास पहुंची और टॉर्च की रोशनी डाली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी इस्तयाक उसके बेटे के साथ आपत्तिजनक हालत में था। मां को देखते ही आरोपी घबरा गया और मौके से फरार हो गया। इसके बाद मां अपने बेटे को लेकर घर पहुंची और कुछ ग्रामीणों के साथ वापस घटना स्थल पर गई। वहां आरोपी के दोबारा दिखने पर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और उसे धर दबोचा।

पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर भेजा जेल

घटना के संबंध में पीड़ित की मां ने बताया कि रात का समय होने और अकेले होने के कारण वे लोग तुरंत थाने नहीं जा सके थे। अगली सुबह परिजनों के साथ थाने पहुंचकर उन्होंने पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी इस्तयाक खान उर्फ स्टाटर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर तुरंत विवेचना शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।