नई दिल्ली। वैश्विक ऑटोमोबाइल दिग्गज कंपनी स्टेलांटिस जो भारत में मशहूर जीप ब्रांड्स की गाड़ियां बनाती है, वह एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी ने भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगभग 4,000 करोड़ के नए निवेश की रूपरेखा तैयार की है। इस भारी भरकम फंड के साथ कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक कुल 12 मॉडल पेश करना है, जिससे ग्राहकों को नई कारों के साथ-साथ मौजूदा गाड़ियों के आधुनिक विकल्प भी मिलेंगे।


स्टेलांटिस इस नई योजना के जरिए भारत में करीब 4,000 करोड़ की पूंजी लगाएगी। इस नए निवेश को मिलाकर भारत में कंपनी का कुल निवेश बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा। यह फैसला दिखाता है कि कंपनी भारतीय ऑटो बाजार को अपने वैश्विक कारोबार के लिए बेहद अहम मान रही है और यहां लंबे समय के लिए अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है।


योजना के तहत 2030 तक कुल 12 मॉडल बाजार में उतारे जाएंगे। यहां समझने वाली बात यह है कि ये सभी 12 गाड़ियां पूरी तरह नई नहीं होंगी। कंपनी ने रणनीति को दो हिस्सों में बांटा है जिसमें 7 बिल्कुल नई कारें लॉन्च की जाएंगी, जबकि 5 वर्तमान में बिक रहे लोकप्रिय मॉडलों के बड़े फेसलिफ्ट और फीचर अपग्रेड होंगे। इस पूरी योजना की पहली गाड़ी वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी कि अप्रैल से जून के बीच में सड़कों पर आ सकती है।


इस निवेश का मुख्य उद्देश्य भारत में उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देना और गाड़ियों के कलपुर्जों का स्थानीयकरण करना है। इससे गाड़ियों की लागत नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी पेट्रोल-डीजल के अलावा इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइब्रिड जैसे नए विकल्पों पर भी तेजी से काम कर रही है, ताकि भारत को एक बड़े एक्सपोर्ट हब के रूप में भी उभारा जा सके।


तो भारतीय कार बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच स्टेलांटिस का यह दांव बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। नए मॉडलों की आमद और मौजूदा कारों के आधुनिक बदलावों से ग्राहकों के पास चयन के ज्यादा विकल्प होंगे। आने वाले समय में कंपनी चरणबद्ध तरीके से इन 12 मॉडलों के नाम, डिजाइन और खूबियों से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठाएगी।