न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा से मुलाकात की। तीनों नेताओं ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले की मिलकर कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस यानी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका मिलकर 'आईबीएसए डायलॉग फोरम' बनाते हैं। तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को बैठक की।
जयशंकर के मुताबिक, बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में व्यापक सुधार की मांग की गई, ताकि सुरक्षा परिषद ज्यादा लोकतांत्रिक और प्रतिनिधित्व वाली बने, उसकी विश्वसनीयता बढ़े और उसमें आज की दुनिया की वास्तविक स्थिति बेहतर तरीके से दिखाई दे।
तीनों देशों ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में भी विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ज्यादा प्रभावी, बराबरी वाली और सही भागीदारी होनी चाहिए।
जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा, "आज दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा के साथ आईबीएसए विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया।"
उन्होंने बताया कि संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और मजबूत बहुपक्षीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्धता दोहराई गई। इसके अलावा, यूएनएससी में ऐसे व्यापक सुधार का समर्थन किया गया, जिससे वह ज्यादा लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्व वाली और आज की वैश्विक वास्तविकताओं के मुताबिक बन सके।
तीनों विदेश मंत्रियों ने दुनिया में चल रहे संघर्षों के ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहे असर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने खास तौर पर ऊर्जा और खाद्य असुरक्षा, महंगाई और सरकारी बजट पर बढ़ते दबाव का जिक्र किया।
संयुक्त बयान में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई गई।
बयान में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने और उनके सामने मौजूद सामाजिक और आर्थिक रुकावटों को दूर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता भी जताई गई।
भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ग्लोबल साउथ के तीन अलग-अलग महाद्वीपों के लोकतांत्रिक देश हैं। ये प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और कई मुद्दों पर इनके हित भी एक जैसे हैं।
जयशंकर के मुताबिक, तीनों देशों ने कहा कि बराबरी वाला आर्थिक विकास, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने और आर्थिक मुश्किलों का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए संतुलित, निष्पक्ष और सभी पक्षों के लिए फायदेमंद व्यापार को बचाना जरूरी है। तीनों विदेश मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ तेजी से कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से आपदाएं और दूसरे झटके ज्यादा बार और ज्यादा गंभीर रूप में सामने आ रहे हैं, जिससे टिकाऊ विकास को खतरा पैदा हो रहा है।
तीनों देशों ने ग्लोबल साउथ में रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता को तीन गुना करने का समर्थन किया। उन्होंने दुनिया में ऊर्जा का बेहतर और किफायती इस्तेमाल करने की रफ्तार को दोगुना करने और टिकाऊ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाने का भी समर्थन किया। इनमें बायोफ्यूल, बायोगैस और कम कार्बन उत्सर्जन वाला हाइड्रोजन शामिल हैं।













