मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को फंदे से लटकती मिली विवाहिता रूबी गुर्जर की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। जिसे पहले आत्महत्या का रूप देकर दफन करने की कोशिश की गई थी, वह खाकी की जांच और एक रोंगटे खड़े कर देने वाले ऑडियो टेप के सामने आने के बाद नृशंस और सुनियोजित हत्या निकली।

मौत से ठीक पहले रूबी ने उत्तर प्रदेश के हरदोई में रहने वाले अपने प्रेमी अनुज को फोन मिलाया था। लगभग 2 मिनट 27 सेकंड की इस रिकॉर्डेड कॉल में रूबी की घबराहट, पति द्वारा जान से मारने की सीधी धमकियां और अंत में उसकी रूह कंपा देने वाली चीखें पुलिस के लिए अकाट्य साक्ष्य बन गईं। पुलिस ने फंदे पर लटकाने के इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए पति रामराज गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसका चाचा लखना गुर्जर फरार चल रहा है।


'मार दूंगा... अभी हाथ नहीं लगाया': ऑडियो में दर्ज हुई मौत की दास्तान

पुलिस के हाथ लगी ऑडियो रिकॉर्डिंग किसी हॉरर थ्रिलर से कम नहीं है। 10 सितंबर को जब रूबी अपनी मां के साथ जड़ेरुआ पहुंची, तो घर के भीतर जाने से पहले ही उसे अनहोनी का गहरा अंदेशा हो गया था। उसने चुपचाप अनुज को कॉल कर जेब में रख लिया।

ऑडियो में पति रामराज की खौफनाक आवाज साफ सुनाई देती है—"मार दूंगा..."। रूबी भीतर जाने से साफ मना करती है। इस पर उसकी मां स्थिति को सामान्य बताते हुए कहती है—"कोई नहीं मार रहा, मैं संग हूं।" रामराज फिर चिल्लाता है—"अभी हाथ नहीं लगाया, जान से मार दूंगा।" रूबी अपनी मां से कहती है—"तुम बैठ जाओ।" इसी बीच चाचा ससुर लखना की आवाज आती है—"मारते तो तुझको क्यों लाते, पहले ही मार देते।" इसके तुरंत बाद कमरे में हाथापाई, रूबी को दबोचने और उसके चीखते हुए "मम्मी ओ मम्मी... मम्मी ओ मम्मी..." पुकारने की आवाजें आती हैं। कुछ पलों बाद रूबी की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो जाती है और केवल धक्का-मुक्की की आवाजें आती रहती हैं।


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समझौते और तलाक का झांसा देकर ससुराल बुलाया था

जांच में सामने आया कि रूबी अपने पति को छोड़कर हरदोई निवासी अनुज के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी और पहले भी दो बार घर छोड़ चुकी थी। 9 सितंबर को रामराज ने रूबी को यह कहकर गांव बुलाया कि उसके 5 और 8 साल के मासूम बेटे मां को याद कर रहे हैं। रूबी बच्चों से मिलकर मायके लौट गई। अगले दिन 10 सितंबर को पति और चाचा-ससुर ने उसे दोबारा यह झांसा देकर बुलाया कि पूर्व में मकान मालिक पर लगे केस का राजीनामा करना है, पैसे बांटने हैं और रामराज उसे लिखित दस्तावेज देगा कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ जा सकती है। कोर्ट में तलाक के कागजात तैयार कराने का भरोसा देकर उसे बुलाया गया और भीतर कदम रखते ही दोनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया, फिर शव को फंदे पर लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या का नजर आए।


अदालत में पहले ही जताई थी हत्या की आशंका, ऑडियो ने खोला राज

शुरुआत में नूराबाद पुलिस ने इसे संदिग्ध आत्महत्या मानकर मर्ग कायम किया था। लेकिन मामले की कड़ियां तब जुड़ीं जब पुलिस को जुलाई 2026 में सिविल लाइन पुलिस द्वारा दर्ज कराए गए रूबी के धारा 164 के बयानों का पता चला, जिसमें उसने पहले ही पति और ससुराल वालों से जान का खतरा जताया था। इसके बाद हरदोई से प्रेमी अनुज ने व्हाट्सएप के जरिए वह 2 मिनट 27 सेकंड की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस तक पहुंचाई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पुराने अदालती बयान और इस ऑडियो का मिलान होते ही पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने 13 सितंबर को मर्ग को हत्या की धारा 302 में तब्दील कर मुख्य आरोपी पति रामराज गुर्जर को सलाखों के पीछे भेज दिया।


वारदात के समय मां भी थी मौजूद, फरार आरोपी की तलाश जारी

नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी के अनुसार, घटना के समय रूबी की मां की मौजूदगी भी प्रमाणित हुई है, जिसके चलते पुलिस उनसे भी विस्तृत पूछताछ कर रही है। वहीं, मुख्य गवाह प्रेमी अनुज दहशत के चलते अभी पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुआ है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार चाचा-ससुर लखना गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।