कोलंबो। भारतीय क्रिकेट टीम के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि टीम के गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उन्हें पसंद है।
सिराज ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले ब्रॉडकास्टर्स से कहा, "मुझे भारतीय हालात में खेलने की आदत हो गई है क्योंकि आप धूप में बहुत खेलते हैं। यहां, समुद्र की वजह से ह्यूमिडिटी बहुत है। यह थोड़ा मुश्किल है। लेकिन देश के लिए, यह सब करना बहुत जरूरी है।"
तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करने के सवाल पर सिराज ने कहा, "मुझे जिम्मेदारी सच में पसंद है। जब भी कोई चुनौती या जिम्मेदारी मेरे सामने आती है, तो मुझे मजा आता है। यह मेरा एक अलग पहलू सामने लाता है। इसलिए मुझे इसमें मजा आता है। मैं अपने शरीर पर ज्यादा बोझ नहीं डालता। मैं बस इसका मजा लेता हूं।"
बल्लेबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर उनका ध्यान भंग करने और उनका विकेट लेने के सवाल पर सिराज ने कहा, "जब कोई बल्लेबाज अपने कम्फर्ट जोन में खेल रहा होता है, तो उसके लिए यह आसान हो जाता है। जब आप थोड़ी बातचीत करते हैं, तो वह असहज हो जाता है। जब इस विकेट पर कुछ नहीं हो रहा होता है, तो शायद इस तकनीक का इस्तेमाल करने से बल्लेबाज के दिमाग में कुछ आ जाता है। फिर वह गलत शॉट खेल सकता है। आप देखेंगे कि क्या होता है। मुझे लगता है कि यह एक तेज गेंदबाज की उन खूबियों में से एक है जो अंदर से आती है।"
सिराज लगभग 2 महीने के बाद खेल रहे हैं। ऐसे में उन्होंने माना कि वह अपनी लय ती तलाश में हैं।
तेज गेंदबाज ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो, मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं अपनी तरफ से सौ प्रतिशत फिट हूं क्योंकि मैं दो महीने के ब्रेक के बाद वापस आया हूं। मैं इस स्थिति में अपनी लय के साथ काफी संघर्ष कर रहा हूं क्योंकि मैं वह लय नहीं पा सका हूं। मैं बस लय वापस पाने की कोशिश कर रहा हूं।"
सिराज ने कहा, "मैं अपने अनुभव का इस्तेमाल कर रहा हूं और गेंदबाजी करते समय जितना हो सके खुद पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा हूं। अगर मैं बहुत ज्यादा सोचूंगा, तो मैं रन लुटा दूंगा, मुझ पर दबाव आ जाएगा। टीम पर भी दबाव आ जाएगा। इसलिए मेरी कोशिश इसे आसान रखने की है।"




