भरूच। गुजरात के भरूच की वालिया तालुका का श्री सरदार नगर प्राथमिक स्कूल आसपास के क्षेत्र में 'ग्रीन लैबोरेटरी' के रूप में प्रसिद्ध है। इस स्कूल में एक हजार से ज्यादा विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगे हैं, जो न केवल यहां के पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं, बल्कि बच्चों को भी प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।

इस विद्यालय को ग्रीन स्कूल में बदलने में सबसे बड़ा योगदान रिटायर्ड शिक्षक कमलेश कोसामिया का है, जिन्होंने 22 वर्षों की अपनी सेवा के दौरान इन पेड़ों को लगाया और इनकी देखभाल भी की।

श्री सरदार नगर प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका धर्मेशाबेन अरोलिया ने कहा कि उनका सपना था कि मेरा स्कूल एक सुंदर और इको-फ्रेंडली विद्यालय हो। इसके तहत उन्होंने बड़ी संख्या में पौधे लाकर लगाए और उनकी देखभाल की। यह स्कूल हमारे इको क्लब में एक अग्रणी विद्यालय है। यह प्रगति पूर्व प्रिंसिपल कमलेश कुमार कोसामिया के प्रयासों की वजह से संभव हुई है। अब मौजूदा प्रिंसिपल उनकी कोशिशों को आगे बढ़ा रहे हैं।

स्कूल से पास आउट हो चुके स्टूडेंट्स आज भी रिटायर्ड शिक्षक कमलेश कोसामिया के पर्यावरण के प्रति समर्पण को याद करते हैं और स्कूल के माहौल व शिक्षकों की तारीफ करते नहीं थकते।

पूर्व विद्यार्थी गंगा वसावा ने कहा कि मैंने यहां कक्षा से 1 से 8 तक पढ़ाई की है। यहां का वातावरण बहुत सुंदर है और शिक्षक भी अच्छे हैं। मैंने 8वीं कक्षा तक यहां शिक्षा ग्रहण की है और मेरा अनुभव है कि यहां के टीचर बेहतरीन हैं और स्टूडेंट्स भी बहुत एक्टिव रहते हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार स्कूलों में स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम पनपता है और वे बड़े होकर एक पर्यावरण जागरूक नागरिक बनते हैं।

भरूच के वालिया तालुका के टीपीईओ दिग्विजय सिंह राणा ने बताया कि बच्चों को पर्यावरण की सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है और भविष्य के नागरिकों को तैयार किया जा रहा है। ये बच्चे प्राइमरी लेवल से ही ऐसी खूबियां सीख रहे हैं और पर्यावरण के बारे में जागरूक हो रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में आने वाली पीढ़ी को तैयार करने के मकसद से विद्यालयों को ग्रीन स्कूल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दुष्प्रभावों और विकराल होते प्रदूषण से पूरी दुनिया परेशान है। ऐसे में वालिया तालुका का श्री सरदार नगर प्राथमिक स्कूल अपने हरे-भरे वातावरण से दूसरे स्कूलों के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ पर्यावरण के महत्व और उसकी रक्षा का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है।