मुंबई। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर बुधवार को तंज कसा। उन्होंने कहा कि डिबेट करने के लिए संसद है, अगर बहस करनी है तो संसद के भीतर आएं। अठावले का यह बयान उस वक्त आया है जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी को डिबेट करने की चुनौती दी।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि यह बात ठीक है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चर्चा करने की चुनौती दी है। खुले में चर्चा करने के बजाय संसद में बहस होनी चाहिए। अमित शाह ने साफ कर दिया है कि एक विशेष सत्र भी बुलाया जाएगा। राहुल गांधी को आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में आना चाहिए और उन मुद्दों को उठाना चाहिए जिन पर वे चर्चा करना चाहते हैं। सरकार उनकी चुनौती से घबराती नहीं है; यह सरकार मजबूत है। राहुल गांधी के साथ डिबेट तो मैं भी कर सकता हूं।

राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि संसद वह जगह है जहां राहुल गांधी को बहस करनी चाहिए लेकिन वे वहां बहस नहीं करते। विपक्ष के नेता बनने के बाद से उन्होंने केवल संसद की कार्यवाही में बाधा डाली है और उसे काम करने से रोका है। इसके बजाय, वे सड़कों पर 'नकली संसद' सत्र आयोजित करते हैं। जब भी संसद में बहस हुई है, तो वे पराजित हुए हैं और सरकार ने उनके तर्कों का पूरी तरह से खंडन किया है।

शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली फ्लॉप हुई है। इसीलिए चर्चा में रहने के लिए राहुल गांधी इस तरह की भाषा बोल रहे हैं क्योंकि उन्हें विदेश जाना है। जहां तक चर्चा की बात है, तो उनसे हमारा किसी भी प्रदेश का युवा मोर्चा का अध्यक्ष चर्चा कर सकता है, राष्ट्रीय अध्यक्ष तो दूर की बात है। राहुल गांधी सिर्फ फर्जी बातें कहना जानते हैं और झूठा आरोप लगाना उनकी आदत बन गई है।

दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद के थप्पड़ कांड पर अठावले ने कहा कि जो वीडियो सामने आया है, उसमें एक कांग्रेस नेता एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। कांग्रेस पार्टी को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए लेकिन उनके कामों से ऐसा नहीं लगता। किसी महिला को थप्पड़ मारना स्वीकार्य नहीं है और जिसने भी ऐसा किया है, उसे माफी मांगनी चाहिए। महिलाओं पर हाथ उठाना, कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

अभिनेत्री दीया मिर्जा से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए अठावले ने कहा कि दीया बहुत ही अच्छी अभिनेत्री हैं। हर धर्म को अपने अनुसार, त्योहार मनाने का अधिकार है, दीपावली पर पटाखे जलाए जाते हैं लेकिन, प्रदूषण के मुद्दे पर हम सहमत हैं कि नहीं होना चाहिए।