जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के कल्याण के साथ-साथ राजस्थान के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान' के विजन के अनुरूप प्रदेश में विकास की गति लगातार जारी रहेगी।
राज्य सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर जयपुर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार अपने विजन, उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के सामने प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' के माध्यम से वर्ष 2047 तक गांवों और शहरों के समग्र विकास के लिए व्यापक रोडमैप भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान वर्तमान में 30 अलग-अलग योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सरकार की उपलब्धियों, विकास की तेज रफ्तार और प्रमुख नीतियों को जनता के सामने प्रस्तुत करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने युवाओं को महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल, अमृता देवी और मीराबाई जैसी महान विभूतियों के जीवन और योगदान से परिचित कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को युवाओं के लिए अधिक आकर्षक और जानकारीपूर्ण बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को राजस्थान में हो रहे बदलावों को देखने और राज्य के भविष्य के विजन को समझने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षगांठ समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में भी वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने और आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य सचिव को तैयारियों की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के अलावा विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

















