नई दिल्ली। भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ जारी फतवे को लेकर संबंधित मौलवी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक स्थलों पर जाने का अधिकार है और यदि कोई व्यक्ति सामाजिक समरसता तथा भाईचारे के उद्देश्य से दूसरे धर्म के स्थल पर जाता है, तो इसे भारतीय संस्कृति की अच्छी मिसाल के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही जिलानी ने एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान इतनी बड़ी रैली आयोजित होने से यातायात और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।सोहा अली खान के खिलाफ जारी किए गए फतवे पर भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि समाज में कुछ लोग खुद को समाज का ठेकेदार समझने लगते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कुछ तथाकथित मौलानाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन लोगों के बारे में भी टिप्पणी करते हैं, जिनके जीवन, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती। जिलानी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता के लिए दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाता है, तो यह भारतीय संस्कृति में भाईचारे का उदाहरण है। उन्होंने अभिनेत्री सारा अली खान का भी जिक्र किया और कहा कि वह भी बाबा के दर्शन के लिए गई थीं। सारा अली खान एक फिल्म अभिनेत्री हैं और केदारनाथ में उनकी फिल्म की शूटिंग भी पहले हो चुकी है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह फतवा जारी करने से फतवा देने वालों के अपने आचरण पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मौलानाओं को पहले अपने व्यवहार और समाज के भीतर मौजूद समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह दी। जिलानी ने कहा कि यदि उनके पास इतनी ताकत है, तो उन्हें चोरी, डकैती, दुष्कर्म और सूद के पैसे से जुड़े मामलों के खिलाफ भी फतवे जारी करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मौलाना इस तरह के फतवों के जरिए राजनीति करते हैं।
दिल्ली में कांग्रेस की एक नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर यासिर जिलानी ने कहा कि राहुल गांधी के संदेश के बाद रैली में आने वाले लोगों की संख्या को लेकर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इस समय धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों का अवसर है, जब बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। रैली स्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में आठ बड़े थोक बाजार और कई छोटी गलियों में बाजार मौजूद हैं। उन्होंने नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों का भी उल्लेख किया और कहा कि त्योहारों के दौरान इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं के दस लाख से अधिक लोगों के रैली में शामिल होने के दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी बड़ी भीड़ के आने से यातायात व्यवस्था कैसे संचालित होगी। दिल्ली पुलिस को यातायात में बदलाव करने, बैरिकेड लगाने और जरूरत पड़ने पर सड़कों को बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि त्योहारों के समय ऐसी स्थिति पैदा होने पर आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के व्यापारी रैली को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपनी योजना पर अड़ी हुई है।
जिलानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन जनता अपने वोट की ताकत से करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस तरह के आयोजन से राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन इससे पार्टी को सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि रैली के कारण अव्यवस्था पैदा होती है, तो जनता कांग्रेस को फिर से नकार सकती है।













