अहमदाबाद। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को कहा कि समाज की सेवा उनके जीवन का एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। नवरात्रि के अवसर पर उन्होंने दक्षिण गुजरात स्थित पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (एसआरएमडी) का दौरा किया और उनका आशीर्वाद लिया।इस दौरान गौतम अदाणी ने कहा कि नवरात्रि आत्ममंथन का अवसर है और यह उन मूल्यों पर विचार करने का समय है जो जीवन और कार्य को दिशा देते हैं।

उन्होंने कहा, "इस नवरात्रि मैं मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं और उन मूल्यों पर चिंतन कर रहा हूं जो मेरे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। श्रीमद राजचंद्र आश्रम की मेरी यह यात्रा एक ऐसे विचार को और मजबूत करती है जिसे मैं हमेशा अपने करीब रखता हूं - 'सेवा ही साधना है'। मैं प्रार्थना करता हूं कि मुझे सेवा करने का विनम्र भाव और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति मिले।"

मिशन के अनुसार, गुरुदेवश्री राकेशजी ने इस बात पर जोर दिया कि आध्यात्मिक साधना और निस्वार्थ सेवा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने समाज के व्यापक हित के लिए संसाधनों, अवसरों और क्षमताओं का उपयोग करने के महत्व पर भी जोर दिया।

अदाणी परिवार ने मिशन के ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र 'राज सभागृह' में आयोजित सत्संग में भी भाग लिया, जहां मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व पर चर्चा हुई।

इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े उन छात्रों और युवा पेशेवरों से भी मुलाकात की, जो विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

यात्रा के हिस्से के रूप में डॉ. प्रीति अदाणी ने 'श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन' का दौरा किया और कौशल विकास, उद्यमिता तथा आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से संवाद किया।

उन्होंने श्रीमद राजचंद्र हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा सहायता सामग्री वितरित करने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मिशन के जिनमंदिर में उन्होंने भगवान महावीर के समक्ष प्रार्थना भी की।

इस यात्रा के दौरान अदाणी समूह और मिशन की मानवीय पहलों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। गौतम अदाणी ने मिशन की सामाजिक सेवा इकाई श्रीमद राजचंद्र लव एंड केयर (एसआरएलसी) के साथ मिलकर काम करने में रुचि दिखाई।

वहीं डॉ. प्रीति अदाणी ने अदाणी फाउंडेशन के सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के अनुरूप नेत्र-चिकित्सा और दृष्टि देखभाल संबंधी परियोजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।