पणजी। खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से 5 से 6 नवंबर को गोवा में चौथे खनन मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री और केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ जुटे हैं।दो दिवसीय यह सम्मेलन खनन क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर राज्य के खनन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक अहम मंच बनेगा।
सम्मेलन के दौरान खनन क्षेत्र की प्रगति, अवसरों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही राज्यों को अपने अनुभव, अपनी पहल और अपनी अच्छी प्रथाओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से आपसी जुड़ाव और मजबूत होगा। इससे भारत के खनन क्षेत्र के भविष्य के विकास और उन्नति पर विचार-विमर्श करने का मौका मिलेगा।
यह सम्मेलन देश के खनन क्षेत्र को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने और विकसित भारत के संकल्प में इसके योगदान को लेकर राज्य सरकारों के साथ खान मंत्रालय के लगातार जुड़ाव को दर्शाता है।
खनन मंत्रियों का सम्मेलन खान मंत्रालय की ओर से आयोजित किया जाता है। इसका मकसद केंद्र और राज्य के नेताओं को एक मंच पर लाना है, ताकि वे नीतिगत सुधारों पर चर्चा कर सकें, क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा कर सकें और कामकाज से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकाल सकें।
खनन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे उद्योगों को कच्चा माल मिलता है, रोजगार पैदा होता है और राज्यों को राजस्व भी मिलता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल से ही इस क्षेत्र को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। यही वजह है कि इस तरह के सम्मेलन में सभी राज्यों के अनुभवों को साझा करना और एक-दूसरे की अच्छी पहल को अपनाना अहम माना जाता है।
बता दें कि तीसरा राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन 20-21 जनवरी 2025 को ओडिशा के कोणार्क में इको रिट्रीट में आयोजित हुआ था। वहीं पहला राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन सितंबर 2022 में तेलंगाना के हैदराबाद में हुआ था। इसका उद्घाटन 9 सितंबर 2022 को किया गया था।
गोवा में हो रहा चौथा सम्मेलन इसी कड़ी को आगे बढ़ाएगा। उम्मीद है कि दो दिन के मंथन से खनन क्षेत्र के विकास, सुधार और राज्यों के बीच सहयोग को लेकर नए सुझाव सामने आएंगे, जो विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेंगे।














